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RSS Vijayadashmi: स्वदेशी पर निर्भर रहने की जरूरत… मोहन भागवत ने की ट्रंप के टैरिफ की आलोचना

October 2, 2025

RSS Vijayadashmi: स्वदेशी पर निर्भर रहने की जरूरत… मोहन भागवत ने की ट्रंप के टैरिफ की आलोचना

नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को अपने विजयदशमी भाषण में अमेरिका की टैरिफ नीति की आलोचना करते हुए स्वदेशी पर अधिक निर्भर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपनी टैरिफ़ नीति अपने हितों के अनुसार बनाई है, लेकिन इसका असर सभी देशों पर पड़ता है।

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आत्मनिर्भर बनने और स्वदेशी पर भरोसा करने की जरूरत 

मोहन भागवत ने कहा, “दुनिया एक-दूसरे पर निर्भर करती है, लेकिन यह निर्भरता मजबूरी नहीं होनी चाहिए। हमें आत्मनिर्भर बनने और स्वदेशी पर भरोसा करने की आवश्यकता है।” उन्होंने भारत के मित्र देशों के साथ राजनयिक संबंधों को बनाए रखने की जरूरत को भी रेखांकित किया और कहा कि भारत को वैश्विक चिंताओं के समाधान के लिए नेतृत्व करना चाहिए।

भारत की विविधता और एकता पर जोर

आरएसएस प्रमुख ने भारत की अनूठी विविधता को भी महत्व दिया और कहा कि यहां विभिन्न विचारधाराएं आयीं और भारतीय समाज ने उन्हें स्वीकार किया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ बाहरी विचारधाराओं को भिन्नता में बदलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे शब्द किसी की आस्था या विश्वास का अपमान न करें। समाज में विविध मान्यताओं वाले लोग रहते हैं, और यह सामान्य है कि कभी-कभी अराजकता होती है, लेकिन यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह सभी के बीच सद्भाव के खिलाफ न हो।”

हिंसा और असंवैधानिकता पर चिंता

भागवत ने हिंसा, गुंडागर्दी और किसी विशेष समुदाय को भड़काने की कोशिशों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे पूर्व नियोजित षड्यंत्र करार दिया और कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।

महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि

आरएसएस प्रमुख ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने गांधी जी के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और शास्त्री जी की सादगी और राष्ट्र सेवा को सराहा। भागवत ने कहा, “गांधी जी ने स्वतंत्रता के बाद भारत के आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में चित्रण किया, वहीं शास्त्री जी ने अपने जीवन को देश की सेवा में समर्पित किया और हमें सच्चे अर्थों में मानव बनने का रास्ता दिखाया।”

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आतंकी हमले पर सरकार और सेना की सराहना

भागवत ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का उल्लेख किया, जिसमें 26 निर्दोष भारतीय नागरिकों की हत्या की गई थी। उन्होंने आतंकवादियों के खिलाफ सरकार और सेना की प्रतिक्रिया की सराहना की, और कहा कि इस हमले ने भारत के सच्चे मित्रों को भी उजागर किया। उन्होंने कहा, “हमारे सशस्त्र बलों ने करारा जवाब दिया और इस घटना ने देश में एकता का वातावरण प्रस्तुत किया। हालांकि, कुछ असंवैधानिक तत्व देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।”

आरएसएस की शताब्दी वर्षगांठ

इस अवसर पर आरएसएस ने अपनी 100वीं वर्षगांठ मनाई और नागपुर में एक बड़ा समारोह आयोजित किया, जिसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। इस कार्यक्रम में भारतीय और विदेशी गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए और इस दिन को यादगार बनाने के लिए कई गतिविधियां आयोजित की गईं।

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