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बच्चों के नामकरण का नया ट्रेंड: नाम रखने के लिए 26 लाख तक लेती है यह महिला, जानें कौन है

नेशनल डेस्क। अब तक बच्चों के नामकरण के लिए लोग पंडित या विद्वान से सलाह लेते थे। नामकरण संस्कार के बाद उन्हें दक्षिणा दी जाती थी। लेकिन अब जमाना बदल रहा है। अमीर मां-बाप अपने बच्चों का नाम रखने के लिए सीधे प्रोफेशनल एक्सपर्ट्स को हायर कर रहे हैं और इसके बदले लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं। आइये जानते हैं इसे विस्तार से…

 

कौन हैं टेलर ए. हम्फ्री?
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सैन फ्रांसिस्को की महिला टेलर ए. हम्फ्री ने करीब दस साल पहले बच्चों के नाम सुझाने का काम शुरू किया था। शुरुआत में वह केवल ऑनलाइन पोस्ट करती थीं। लेकिन धीरे-धीरे यह उनका जुनून बिज़नेस में बदल गया। आज हम्फ्री बच्चों का नाम रखने के लिए 30,000 डॉलर (करीब 26.6 लाख रुपये) तक चार्ज करती हैं।

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कब शुरू हुआ ये काम?
हम्फ्री का कंसल्टेंसी फर्म सैन फ्रांसिस्को में स्थित है। साल 2020 में उनके फर्म ने 100 से ज्यादा अमीर परिवारों की मदद की। सिर्फ उसी साल उन्होंने 1.5 लाख डॉलर (करीब 1.3 करोड़ रुपये) कमाए। पहले वे नामकरण के लिए केवल 1500 डॉलर (करीब 1.3 लाख रुपये) लेती थीं, लेकिन अब फीस बढ़कर लाखों में पहुंच गई है।

 

उनके क्लाइंट कौन होते हैं?
हम्फ्री बताती हैं कि उनके ज्यादातर ग्राहक गुमनाम रहते हैं। इसमें अमीर परिवार और हाई-प्रोफाइल सेलिब्रिटीज शामिल होते हैं। 2021 में उनकी डिमांड अचानक और ज्यादा बढ़ गई। हालांकि इस दौरान सोशल मीडिया पर उनका मजाक भी उड़ाया गया, लेकिन आलोचना के बावजूद उनका बिज़नेस और आगे बढ़ा।

 

सिर्फ नाम ही नहीं, और भी काम…
हम्फ्री के मुताबिक, नामकरण केवल एक नाम सुझाने तक सीमित नहीं है। कई बार वे माता-पिता के बीच मध्यस्थ (mediator) की भूमिका भी निभाती हैं। कई बार वे काउंसलिंग और थेरेपी जैसी भूमिका निभाती हैं ताकि सही नाम चुनने में मदद हो सके।

 

आलोचना पर क्या कहती हैं हम्फ्री?
हम्फ्री कहती हैं “लोग मुझे अक्सर ऐसे कंटेंट से ढूंढते हैं जो मेरा मजाक उड़ाते हैं।” “शुरुआत में यह शर्मनाक लगता है, लेकिन मुझे यकीन है कि मेरा काम वाकई महत्वपूर्ण है।” “सोशल मीडिया पर मजाक बनने के बावजूद मैं सोचती हूं कि यह बेवकूफी है, क्योंकि मैं बच्चों के नाम सुझाकर अपनी जिंदगी चलाती हूं।”

 

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