नेशनल डेस्क : नेशनल इंवेस्टिगेटिव एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को हरियाणा और उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े आतंकवादी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बरार के ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी दिसंबर 2024 में गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित वेयरहाउस क्लब और ह्यूमन क्लब पर हुए ग्रेनेड हमलों के सिलसिले में की गई। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
NIA को मिले कई महत्वपूर्ण सबूत
आपको बता दें कि NIA ने दोनों राज्यों के विभिन्न जिलों में 8 स्थानों पर तलाशी ली और इस दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की। इन सबूतों से बम विस्फोट की साजिश का खुलासा करने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही एनआईए ने हमले में शामिल आरोपियों से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री भी जब्त की है।
गुरुग्राम ग्रेनेड हमला
गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित वेयरहाउस क्लब और ह्यूमन क्लब पर दिसंबर 2024 में ग्रेनेड हमला किया गया था। यह विस्फोट सुबह करीब 5:15 बजे ह्यूमन नाइट क्लब के बाहर हुआ और सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। इस घटना के बाद, गुरुग्राम स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक आरोपी सचिन को गिरफ्तार किया, जो उत्तर प्रदेश के मेरठ का निवासी था।
गोल्डी बरार और रणदीप मलिक…
हमले के तुरंत बाद, कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हमले की जिम्मेदारी ली। एनआईए की जांच में गोल्डी बरार और अमेरिकी गैंगस्टर रणदीप मलिक का नाम सामने आया। गोल्डी बरार ने क्लब मालिकों को धमकी दी थी और उनसे पैसे ऐंठने के लिए बम विस्फोट कराए थे। वह इस हमले का मास्टरमाइंड था।
NIA की जांच जारी
एनआईए ने 2 जनवरी 2025 को इस मामले में आधिकारिक रूप से मामला दर्ज किया था और जांच जारी रखी है। अब तक की जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग और सबूत मिले हैं, और एनआईए इस मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है।

