नई दिल्ली: यमन की राजधानी सना की जेल में बंद 38 वर्षीय भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को 16 जुलाई 2025 को फांसी दी जानी है। यमन की अदालत ने उन्हें हत्या का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। उन्होंने अपने अपराध को स्वीकार भी कर लिया है। हालांकि उन्होंने इस सजा के खिलाफ यमन की सर्वोच्च अदालत में अपील की थी, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली।
इस बीच, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर निमिषा की जान बचाने की अपील की है। लेकिन यह पहला मामला नहीं है जब किसी भारतीय को विदेश में मौत की सजा दी गई हो। विदेशों में पहले भी कई भारतीयों को फांसी की सजा दी जा चुकी है।
विदेश में अब तक कितने भारतीयों को दी गई है फांसी की सजा?
मार्च 2025 में भारत सरकार ने संसद को बताया था कि दुनिया के 8 देशों में 49 भारतीयों को मौत की सजा सुनाई गई है। इनमें से कई अब भी फांसी की सजा का इंतजार कर रहे हैं।
देश मौत की सजा पाने वाले भारतीय
सऊदी अरब 11
यूएई 25
मलेशिया 6
कुवैत 3
इंडोनेशिया 1
कतर 1
अमेरिका 1
यमन 1
विदेशों की जेलों में बंद हैं हजारों भारतीय
विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के अनुसार, विदेशों की जेलों में सबसे ज्यादा भारतीय सऊदी अरब और यूएई में बंद हैं।
देश जेल में बंद भारतीय
सऊदी अरब 2633
यूएई 2518
नेपाल 1317
कतर 611
कुवैत 387
मलेशिया 338
पाकिस्तान 266
चीन 173
अमेरिका 169
ओमान 148
रूस और म्यांमार 27-27
यूएई में भी हाल ही में दी गई है फांसी
यूएई ने आधिकारिक तौर पर कभी नहीं बताया कि वहां कितने भारतीयों को फांसी दी गई है। लेकिन खबरों के अनुसार, पिछले महीने (जून 2025) में यूएई ने 3 भारतीयों को फांसी की सजा दी है। इनमें उत्तर प्रदेश की रहने वाली शहजादी खान भी शामिल हैं, जिन पर एक बच्ची की हत्या का आरोप था।
2020 से अब तक कहां-कहां दी गई फांसी
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, कुवैत में 25 भारतीयों को फांसी दी गई है। इसके अलावा, सऊदी अरब में 9, जिम्बाब्वे में 7, मेलेशिया में 5 और जमैका में एक भारतीय नागरिक को फांसी दी गई है। यह मामला सिर्फ निमिषा प्रिया का नहीं है, बल्कि विदेश में हजारों भारतीयों की जिंदगी जेलों में गुजर रही है। इनमें से कई को गंभीर सजाएं मिली हैं और कुछ की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है।

