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निशिकांत दुबे बोले- पीएम मोदी नहीं होते तो 150 सीटें भी नहीं आतीं, उन्हीं के नेतृत्व में लडेंगे 2029 का चुनाव

नेशनल डेस्क: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के नेता नहीं होते, तो पार्टी को 2024 के लोकसभा चुनाव में 150 सीटें भी मिलना मुश्किल होता। उन्होंने कहा कि भाजपा की लगातार सफलता का सबसे बड़ा कारण मोदी जी का नेतृत्व है। निशिकांत दुबे ने कहा, ”अगला लोकसभा चुनाव भी उनके नेतृत्व में ही लेड़ेगे।”

मोदी जी के नाम पर ही देते हैं लोग वोट

दुबे ने एक इंटरव्यू में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की वजह से ऐसे वर्गों ने भी भाजपा को वोट दिया है, जो पहले पार्टी से दूर रहते थे। उन्होंने कहा कि गरीबों का भरोसा मोदी जी पर बढ़ा है और उनका समर्थन भाजपा को मिला है। दुबे ने बताया कि जब वह 2009 में पहली बार सांसद बने थे, तब उन्होंने बहुत कम अंतर से चुनाव जीता था। लेकिन 2014 के बाद से, जब मोदी जी पार्टी का चेहरा बने, तब से पार्टी की लोकप्रियता और समर्थन बहुत बढ़ा है। 2014 और 2019 में भाजपा को अकेले बहुमत मिला, जो पहले कभी नहीं हुआ था। उन्होंने कहा, “मोदी जी के नाम पर ही लोग वोट देते हैं। चाहे किसी को अच्छा लगे या न लगे, लेकिन यह सच्चाई है।”

2029 का चुनाव पीएम मोदी के नेतृत्व में लड़ना चाहिए

निशिकांत दुबे का मानना है कि भाजपा को 2029 का चुनाव भी मोदी जी के नेतृत्व में लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा को 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मोदी जी के नेतृत्व की ज़रूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक मोदी जी स्वस्थ हैं, उन्हें देश की सेवा करते रहना चाहिए।

आने वाले 20 सालों तक मोदी भाजपा के नेता रहेंगे

मोहन भागवत के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने 75 साल की उम्र के बाद पद छोड़ने की बात कही थी, दुबे ने कहा कि मोदी जी के लिए यह लागू नहीं होता, क्योंकि भाजपा को उनके नेतृत्व की ज़रूरत है। दुबे ने कहा, “मैं एक ज़मीनी कार्यकर्ता हूं, और मेरा मानना है कि आने वाले 15-20 सालों तक मोदी जी ही भाजपा के नेता रहेंगे। उनका नेतृत्व पार्टी और देश दोनों के लिए ज़रूरी है।”

उन्होंने यह भी बताया कि मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा ने सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि राज्यों में भी अपना विस्तार किया है। भाजपा ने त्रिपुरा, असम, ओडिशा और हरियाणा जैसे राज्यों में पहली बार सरकार बनाई और पूर्वोत्तर व दक्षिण भारत में भी अपना प्रभाव बढ़ाया।

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