
नई दिल्ली: एअर इंडिया ने अपने सभी बोइंग 787 और 737 विमानों में ईंधन नियंत्रण स्विच (Fuel Control Switch – FCS) के लॉकिंग सिस्टम की जांच पूरी कर ली है। यह जांच नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के आदेश पर एहतियातन की गई थी। एअर इंडिया ने बताया कि जांच में किसी तरह की कोई तकनीकी खामी नहीं मिली है और सभी स्विच सही तरीके से काम कर रहे हैं।
यह जांच 12 जून 2025 को हुई विमान दुर्घटना के बाद की गई, जिसमें एअर इंडिया का एक बोइंग 787-8 विमान अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद एक इमारत से टकरा गया था। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें से 19 जमीन पर थे और बाकी 242 यात्री और चालक दल के सदस्य विमान में थे। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में सामने आया था कि विमान के दोनों इंजनों को ईंधन देने वाले स्विच अचानक बंद हो गए थे, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।
एअर इंडिया ने बताया कि उसने DGCA के निर्देश से पहले ही 12 जुलाई को खुद से यह जांच शुरू कर दी थी। पूरे बेड़े (787 और 737 दोनों) की जांच DGCA द्वारा तय समयसीमा के अंदर पूरी कर ली गई। नियामक (DGCA) को इसकी जानकारी दे दी गई है।
एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, “जांच के दौरान लॉकिंग तंत्र में कोई खराबी नहीं पाई गई। हम यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।”
दुर्घटना के बाद DGCA ने सभी एयरलाइनों को आदेश दिया था कि वे अपने बोइंग विमानों के ईंधन नियंत्रण सिस्टम की जांच करें। यह आदेश 15 पन्नों की प्रारंभिक दुर्घटना रिपोर्ट के आधार पर दिया गया था। रिपोर्ट में सामने आया था कि फ्यूल कंट्रोल स्विच ने उड़ान भरने के एक सेकंड के भीतर ही काम करना बंद कर दिया था, जो हादसे का बड़ा कारण था।
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