पंजाब डेस्क: कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। उनके खिलाफ दर्ज FIR को खारिज करने की मांग को कोर्ट ने साफ तौर पर ठुकरा दिया है। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस जांच को जारी रखने के निर्देश दिए हैं और साफ किया है कि अब बाजवा को जांच में पूरा सहयोग करना होगा।
-पुलिस की पूछताछ में शामिल होना अनिवार्य
कोर्ट ने आदेश में कहा है कि जब भी पुलिस प्रताप बाजवा को बुलाएगी, उन्हें पूछताछ में शामिल होना पड़ेगा। यानी अब वह जांच से बच नहीं सकते। कोर्ट ने उन्हें कानूनी प्रक्रिया का पालन करने और पुलिस को सहयोग देने का सख्त निर्देश दिया है।
-22 अप्रैल तक बयान देने पर भी रोक
कोर्ट ने प्रताप बाजवा को 22 अप्रैल 2025 तक इस मामले में कोई भी सार्वजनिक बयान देने से भी रोक दिया है। इसका मतलब है कि अब बाजवा मीडिया या किसी भी सार्वजनिक मंच पर इस केस को लेकर कुछ भी नहीं बोल सकते। यह रोक इसलिए लगाई गई है ताकि जांच निष्पक्ष रूप से हो सके और किसी तरह का बाहरी दबाव न पड़े।

