नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित राइजिंग नॉर्थ ईस्ट समिट के उद्घाटन समारोह में कहा कि व्यापार से लेकर परंपरा, वस्त्र से लेकर पर्यटन तक, भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र सबसे अधिक विविधतापूर्ण और महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने इस समिट में पूर्वोत्तर क्षेत्र की अपार संभावनाओं और इसके विकास में भूमिका पर विस्तार से बात की।
भारत दुनिया का सबसे विविधतापूर्ण देश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारा भारत दुनिया का सबसे विविधतापूर्ण देश है, और इसका पूर्वोत्तर हिस्सा इस विविधता का सबसे बड़ा उदाहरण है। यहां की विविधता-चाहे वह व्यापार हो, परंपरा हो, वस्त्र हो, या पर्यटन- यह सब इस क्षेत्र को एक अद्वितीय ताकत बनाता है।”
#WATCH | Delhi | At the inauguration of the ‘Rising Northeast Investors Summit’, PM Modi says, “… The Northeast is the most diverse part of our diverse nation… From trade to tradition, from textile to tourism, the diversity of the Northeast is its strength. Northeast means… pic.twitter.com/BVv1qu5vvO
— ANI (@ANI) May 23, 2025
उन्होंने आगे कहा कि पूर्वोत्तर का मतलब है जैविक अर्थव्यवस्था (बांस, चाय, पेट्रोलियम), खेल और कौशल के क्षेत्र में क्षमता, इकोटूरिज्म का बढ़ता हुआ केंद्र, जैविक उत्पादों की नई दुनिया, और ऊर्जा का प्रमुख स्रोत। पीएम मोदी ने इस क्षेत्र को अष्टलक्ष्मी की संज्ञा दी, जो हिंदू धर्म में समृद्धि और समृद्धि की देवी मानी जाती हैं।
पूर्वोत्तर कह रहा, हम निवेश के लिए तैयार: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा, “पूर्वोत्तर हमारे लिए एक विशेष संपत्ति है। अष्टलक्ष्मी के आशीर्वाद से, पूर्वोत्तर का हर राज्य कह रहा है, हम निवेश के लिए तैयार हैं, हम नेतृत्व के लिए तैयार हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि विकसित भारत के निर्माण में पूर्वी भारत और खासकर पूर्वोत्तर क्षेत्र का बहुत बड़ा योगदान है। “पूर्वी भारत का विकास हमारे देश के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हमारे लिए ‘ईस्ट’ सिर्फ एक दिशा का नाम नहीं है, बल्कि यह एक मिशन है, समर्थ बनाना, काम करना, और बदलाव लाना।”
#WATCH | Delhi | At the inauguration of the ‘Rising Northeast Investors Summit’, PM Modi says, “There was a time when the northeast was only called a frontier region. Today, it is becoming the frontrunner of growth. Better infrastructure makes tourism attractive and gives… pic.twitter.com/8JQ5jDf9Ez
— ANI (@ANI) May 23, 2025
इस समिट का आयोजन 23 और 24 मई को दिल्ली के भारत मंडपम में किया गया है, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाने और वैश्विक एवं घरेलू निवेश को आमंत्रित करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में निवेश के लिए काफी संभावनाएं हैं और यह क्षेत्र भारत के समृद्ध और विकसित भविष्य में अहम भूमिका निभा सकता है।

