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परमाणु धमकियों से भारत डरने वाला नहीं, आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा… जयशंकर का सख्त संदेश

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत अब आतंकवादियों के खिलाफ और भी सख्त रवैया अपनाएगा। उन्होंने साफ कर दिया कि भारत अब “परमाणु धमकियों” (nuclear blackmail) से नहीं डरेगा और आतंकवाद को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। जयशंकर ने यह बातें अमेरिका के मैनहट्टन में न्यूज़वीक को दिए गए इंटरव्यू में कहीं। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के स्पष्ट रुख को दुनिया के सामने रखा।

क्या बोले जयशंकर?
एस जयशंकर ने कहा, “हम आतंकवादियों को किसी भी तरह की छूट नहीं देंगे। परमाणु ब्लैकमेल के डर से हम चुप नहीं रह सकते। जो देश आतंकियों को पालते हैं, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने यह बयान 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दो महीने बाद दिया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। जयशंकर ने इस हमले को “आर्थिक युद्ध” बताया, जिसका मकसद कश्मीर में पर्यटन को खत्म करना और धार्मिक तनाव फैलाना था।

4 दशकों से भारत आतंकवाद का शिकार 
जयशंकर ने कहा कि भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद का शिकार रहा है। उन्होंने कुछ बड़े हमलों का जिक्र किया, जिनमें 26/11 मुंबई हमला, जिसमें विदेशियों को भी निशाना बनाया गया। 2001 में संसद पर हमला, जब संसद सत्र चल रहा था।
कई बार सीमा पार से आतंकवादियों को भेजा गया, खासकर कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए।

पाकिस्तान पर परोक्ष हमला
जयशंकर ने कहा कि कुछ आतंकवादी संगठन पाकिस्तान के बड़े शहरों में खुले तौर पर काम करते हैं, उनके पास अपने ऑफिस और इमारतें हैं, जैसे किसी कंपनी का हेडक्वार्टर होता है। उन्होंने कहा, “हर कोई जानता है कि संगठन A और B कहां स्थित हैं, और भारत ने कुछ मुख्यालयों को नष्ट भी किया है।”

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का संदेश
जयशंकर ने बताया कि वे हाल ही में संयुक्त राष्ट्र (UN) में आतंकवाद पर एक प्रदर्शनी में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भारत की ओर से दुनिया को साफ संदेश है, “आतंकवाद के लिए ज़ीरो टॉलरेंस (शून्य सहिष्णुता) होनी चाहिए। आतंकवाद को किसी भी बहाने, समर्थन या फंडिंग के ज़रिये मान्यता नहीं दी जानी चाहिए।”

भारत अब क्या कर रहा है?
अब भारत ने तय किया है कि जो आतंकी सीमा पार से आते हैं, उन्हें सिर्फ “छद्म लड़ाके” (proxy) नहीं माना जाएगा। सरकारें जो इनका समर्थन करती हैं, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। भारत अपने लोगों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा, चाहे वो देश के अंदर हो या बाहर।

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