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लोकसभा में पास हुआ ऑनलाइन गेमिंग बिल, अश्विनी वैष्णव बोले- समाज के हित से समझौता नहीं करेंगे

नई दिल्ली: लोकसभा ने बुधवार को ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक पारित किया है, जिसका उद्देश्य ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स को बढ़ावा देना और ऑनलाइन मनी गेमिंग को गैरकानूनी घोषित करना है। इस विधेयक का उद्देश्य समाज में ऑनलाइन मनी गेमिंग से उत्पन्न समस्याओं को हल करना और खेलों की सकारात्मक दिशा में प्रगति करना है।

राजस्व से ज्यादा समाज को प्राथमिकता

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस विधेयक को पेश करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा समाज की भलाई को प्राथमिकता दी है, और सरकार कभी भी समाज के हित से समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य समाज के लिए हानिकारक ऑनलाइन मनी गेम्स को रोकना है, जो कई परिवारों को बर्बाद कर रहे हैं।

विधेयक के तहत, ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की कोशिश की गई है, चाहे वे कौशल आधारित हों या संयोग पर आधारित। मंत्री ने कहा कि इस तरह के गेम्स के कारण कई परिवार तबाह हो गए हैं और यहां तक कि कुछ लोग आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठा रहे हैं।

 

क्या हैं विधेयक के प्रावधान?

इस विधेयक में ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स को प्रोत्साहित किया जाएगा, जो समाज के लिए फायदेमंद और शिक्षाप्रद हैं। जबकि ऑनलाइन मनी गेम्स से जुड़ी गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इस विधेयक के अनुसार, सेवा प्रदाताओं, विज्ञापनदाताओं और प्रमोटरों को आर्थिक रूप से ऑनलाइन मनी गेम्स को समर्थन देने पर सजा मिलेगी, लेकिन गेम खेलने वालों को कोई सजा नहीं दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन मनी गेम्स से जुड़ी धोखाधड़ी और ठगी के कारण कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं। इसके अलावा, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण जैसी घटनाओं के लिए भी ऑनलाइन गेमिंग जिम्मेदार हो सकता है।

क्या होगी सजा?

विधेयक में ऑनलाइन मनी गेमिंग की पेशकश या संचालन करने पर 3 साल तक की कैद और/या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। मनी गेम्स का विज्ञापन करने पर 2 साल तक की सजा और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इस कानून के तहत अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे। इसके अलावा, अधिकारियों को अपराध से संबंधित डिजिटल या भौतिक संपत्ति की जांच, तलाशी और जब्ती करने का अधिकार होगा, और वे कुछ मामलों में बिना वारंट के भी गिरफ्तार कर सकते हैं।

विधेयक का उद्देश्य

इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स को बढ़ावा देना है, जिससे न केवल समाज में सकारात्मकता आएगी, बल्कि यह भारत में प्रतिस्पर्धी खेलों को कानूनी मान्यता भी देगा। सरकार का मानना है कि इस विधेयक से न केवल ऑनलाइन मनी गेम्स से जुड़े खतरे से निपटा जा सकेगा, बल्कि इससे युवाओं को एक स्वस्थ और सुरक्षित गेमिंग वातावरण भी मिलेगा। इस विधेयक को लेकर सरकार का स्पष्ट संदेश है कि उसने समाज के हित को प्राथमिकता दी है और इस कदम से ऑनलाइन मनी गेमिंग पर नियंत्रण लगाने का प्रयास किया है, जो समाज में गंभीर समस्याओं का कारण बन चुका है।

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