इंटरनेशनल डेस्क : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि विदेशी कंपनियों को अब रूस में उसी तरह का सम्मान या सुविधाएं नहीं मिलेंगी जैसी पहले मिलती थीं। खासकर, McDonald’s जैसी कंपनियों को लेकर पुतिन का रुख बेहद सख्त नजर आया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि McDonald’s अगर रूस लौटना भी चाहता है तो अब उसके लिए रेड कार्पेट नहीं बिछाया जाएगा। यह टिप्पणी उन्होंने क्रेमलिन में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान की। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
McDonald’s की रूस से विदाई का कारण
आपको बता दें कि McDonald’s ने 2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के दबाव में रूस से अपने सभी आउटलेट्स बंद कर दिए थे और अपने रेस्टोरेंट एक स्थानीय कारोबारी को बेच दिए थे। इसके बाद उन आउटलेट्स को “व्कुस्नो आई टोचका” (Vkusno i Tochka) नाम से दोबारा शुरू किया गया। इसका अर्थ है – “स्वादिष्ट और बस।” इस नए ब्रांड ने रूस में McDonald’s की खाली जगह को भरने की कोशिश की।
‘मूर्ख ही समझौता करते हैं’: पुतिन का सीधा वार
बैठक के दौरान जब व्कुस्नो आई टोचका के सीईओ ओलेग पारोयेव मौजूद थे, तब पुतिन ने McDonald’s पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने मुश्किल समय में रूस को छोड़ दिया। अब अगर वे वापस आना चाहते हैं तो रूस को उनके लिए विशेष इंतजाम करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “केवल मूर्ख ही समझौता करते हैं और यही बात यहां भी लागू होती है।” यह बयान स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि रूस अब अपने घरेलू ब्रांड्स को प्राथमिकता देने के मूड में है।
विदेशी कंपनियों के लिए नए नियम तय होंगे
राष्ट्रपति पुतिन ने सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे नियम बनाएं जिनके आधार पर अगर कोई विदेशी कंपनी रूस में फिर से व्यापार करना चाहती है, तो उसे रूस की शर्तों पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि यह कदम देश के कारोबारी हितों को ध्यान में रखकर उठाए जाएंगे। पुतिन ने कहा कि अगर किसी विदेशी कंपनी को रूस में फिर से मुनाफा कमाना है, तो उसे स्थानीय नियमों का पालन करना होगा।
स्थानीय कारोबार को मिलेगा सरकार का पूरा समर्थन
पुतिन ने यह भी दोहराया कि उनकी सरकार घरेलू कारोबारियों को हर संभव समर्थन देगी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अब हर फैसला रूस के आर्थिक हित और आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। इसके साथ ही यह संकेत भी दिया गया कि रूस अब अपने संसाधनों और प्रतिभा के दम पर विदेशी कंपनियों की गैरमौजूदगी को भरने में सक्षम है। McDonald’s जैसे बड़े ब्रांड की रूस में वापसी अब आसान नहीं होगी। पुतिन के ताजा बयान ने यह संकेत दे दिया है कि रूस अब अपनी शर्तों पर ही किसी बाहरी कंपनी को व्यापार करने की इजाजत देगा। यह रुख न केवल McDonald’s, बल्कि उन सभी पश्चिमी कंपनियों के लिए चेतावनी है जिन्होंने रूस के मुश्किल वक्त में उसका साथ छोड़ दिया।

