नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ऑपरेशन सिंधु के तहत अब तक 517 भारतीय नागरिक ईरान से भारत सुरक्षित लौट चुके हैं। 21 जून को तुर्कमेनिस्तान के अश्गाबात से एक विशेष विमान नई दिल्ली पहुंचा, जिसमें ईरान से आए कई भारतीय थे।
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध की वजह से स्थिति खराब होने पर भारत सरकार ने अपने नागरिकों को वहां से निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय छात्रों और नागरिकों को वहां से निकालकर सुरक्षित भारत लाया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि तेहरान में भारतीय दूतावास ने छात्रों की सुरक्षित आवाजाही में मदद की और भारत सरकार ने उनकी सुरक्षित वापसी का पूरा इंतजाम किया।
ईरान से निकाले गए एक भारतीय ज़फर अब्बास नकवी ने बताया कि जब वहां हमलों की खबर मिली तो वे और उनका परिवार घर के अंदर ही रुके थे। बाद में वे मशहद गए, लेकिन वहां भी हमले हुए। उन्होंने भारत सरकार की त्वरित मदद की सराहना की और प्रधानमंत्री मोदी तथा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया।
एक अन्य भारतीय नागरिक कुलसुम ने कहा कि ईरान की स्थिति बहुत खराब थी और सरकार की मदद के कारण ही वे सुरक्षित भारत लौट पाए। मशहद से आए मोहम्मद अली काजिम ने भी भारत सरकार और यूपी सरकार का आभार जताया कि उन्होंने सीमा पार कराने और सुरक्षित घर वापस लाने में मदद की।
यह ऑपरेशन पूरे भारत में परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस तनाव के बीच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने का काम कर रही हैं। पहले बैच में 110 भारतीय छात्र, जिनमें कश्मीर के 90 छात्र शामिल थे, उन्हें उत्तरी ईरान से निकालकर आर्मेनिया के रास्ते दिल्ली लाया गया। ये छात्र ज्यादातर उर्मिया मेडिकल यूनिवर्सिटी के थे।
ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष 13 जून से शुरू हुआ था, जब इजरायल ने ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर बड़ा हमला किया। इसके जवाब में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी ड्रोन और मिसाइल से जवाबी हमला किया। इस संघर्ष के बीच भारत सरकार लगातार अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए काम कर रही है और ऑपरेशन सिंधु जारी है।
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