
नेशनल डेस्क : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। इस अभियान में भारत ने 9 आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया। भारत की इस साहसिक कार्रवाई का दुनियाभर से समर्थन मिल रहा है। आइए जातन है कि दुनिया में किन-किन देशों ने भारत का समर्थन दिया है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
आपको बता दें कि अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इजरायल, पनामा और नीदरलैंड जैसे देशों ने भारत के कदम को जायज ठहराया है और आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े होने की बात कही है।
ब्रिटेन: भारत का गुस्सा जायज
-विदेश मंत्री ने कहा कि भारत का आक्रोश सही है और पाकिस्तान को अपनी सीमाओं के भीतर आतंक पर नियंत्रण करना होगा।
-ऋषि सुनक ने भारत की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा, “किसी भी देश को अपनी धरती पर दूसरे देश से हो रहे आतंकी हमलों को स्वीकार नहीं करना चाहिए।”
-प्रीति पटेल (पूर्व गृहमंत्री) ने संसद में कहा, “भारत को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है।”
फ्रांस: भारत के साथ पूरी एकजुटता
-फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि 22 अप्रैल का हमला निंदनीय है और फ्रांस भारत के आत्मरक्षा के कदमों का समर्थन करता है।
-फ्रांस ने भारत के साथ आतंक के खिलाफ लड़ाई में एकजुट रहने की बात कही।
अमेरिका: आतंक बर्दाश्त नहीं होगा
-अमेरिकी सांसद श्री थानेदार ने कहा, “आतंकवाद को दंडित करना ही एकमात्र विकल्प है। भारत को अपने नागरिकों की रक्षा करने का अधिकार है।”
-अमेरिका ने भारत के आत्मरक्षा प्रयासों को उचित बताया और एकजुटता व्यक्त की।
इजरायल: आतंकियों के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं
-भारत में इजरायल के राजदूत ने कहा, “हम भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करते हैं।” उन्होंने कहा, “निर्दोषों के खिलाफ अपराध करने वाले आतंकियों को अब छिपने की कोई जगह नहीं मिलेगी।”
नीदरलैंड: कश्मीर भारत का है
सांसद गीर्ट वाइल्डर्स ने कश्मीर को “100% भारतीय” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर #PakistanBehindPahalgam हैशटैग का प्रयोग कर भारत के प्रति अपना समर्थन जताया।
पनामा: भारत के साथ खड़ा है संयुक्त राष्ट्र सदस्य देश
पनामा के विदेश मंत्रालय ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़े होने की बात कही। उन्होंने पहलगाम हमले में हुई क्षति पर शोक जताया। (पनामा इस वक्त UNSC का अस्थायी सदस्य भी है)
क्यों अहम हैं ये वैश्विक प्रतिक्रियाएं?
भारत और पाकिस्तान दो परमाणु संपन्न देश हैं, इसलिए इस तरह के ऑपरेशन पर वैश्विक नजर बनी रहती है। दुनिया की प्रमुख शक्तियों का भारत के पक्ष में खड़ा होना, यह दर्शाता है कि अब पाकिस्तानी आतंकवाद को लेकर वैश्विक समझ बढ़ रही है। भारत की कूटनीति और वैश्विक विश्वासनीयता को इससे मजबूती मिली है।
आतंक के खिलाफ दुनिया एकजुट हो रही है…
‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का स्पष्ट संकेत है। दुनिया का भारत के साथ खड़ा होना, यह साबित करता है कि अब दहशतगर्दी के खिलाफ निर्णायक वैश्विक रुख लिया जा रहा है।
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