
नेशनल डेस्क: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। खरगे ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को एक छोटा सा युद्ध बताया। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले में 26 लोगों की जान इसलिए गई क्योंकि मोदी सरकार ने वहां पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे।
खरगे ने कर्नाटक में कांग्रेस की ‘समर्पण संकल्प रैली’ को संबोधित करते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार ने लोगों को पहलगाम न जाने की सलाह दी होती, तो इतनी बड़ी जानमाल की हानि नहीं होती। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि वह खुद कश्मीर नहीं गए, क्योंकि खुफिया एजेंसियों ने उन्हें वहां जाने से मना किया था।
Vijayanagara, Karnataka | On the Pahalgam terror attack, Congress President Mallikarjun Kharge says, “26 people were killed in Kashmir because the Modi govt didn’t provide security to tourists there. Modi did not go to Kashmir because the Intelligence agencies asked him not to.… pic.twitter.com/rDGvsaLWqs
— ANI (@ANI) May 20, 2025
‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक छोटा सा युद्ध जैसा था
खरगे ने कहा, “सरकार को पहले से जानकारी थी कि खतरा हो सकता है, तो पर्यटकों को अलर्ट क्यों नहीं किया गया? अगर समय पर जानकारी दी जाती, तो 26 लोग मारे नहीं जाते।” उन्होंने सरकार की कार्रवाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम देते हुए कहा कि यह एक छोटा सा युद्ध जैसा था।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना द्वारा 7 मई को चलाया गया एक जवाबी हमला था, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया। इस ऑपरेशन में भारत ने आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान हुआ, जिनमें एयरबेस, रडार सिस्टम और कमांड सेंटर्स शामिल थे।
इससे पहले विजयनगर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और राहुल गांधी का स्वागत किया। रैली में राहुल गांधी ने कहा कि कर्नाटक में बहुत से लोग जमीन पर कब्जा तो रखते हैं, लेकिन उनके पास उसका कानूनी मालिकाना हक नहीं है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार 1 लाख परिवारों को जमीन का मालिकाना हक देने जा रही है। राज्य में अब तक 2,000 राजस्व गांवों की घोषणा हो चुकी है, और जल्द ही 500 और गांवों को इसमें जोड़ा जाएगा।