Site icon Dainik Savera Times

ऑपरेशन सिंदूर: ‘भारत की संप्रभुता को चुनौती देने की हिम्मत किसी में नहीं’, राजनाथ सिंह ने की सेना की सराहना

नेशनल डेस्क: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी और साहस की सराहना की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब कोई भी शक्ति भारत की संप्रभुता को चुनौती देने का साहस नहीं कर सकती।

जैश-ए-मोहम्मद कमांडर ने किया स्वीकार

रक्षा मंत्री ने बताया कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक कमांडर ने स्वीकार किया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में 7 मई को किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकवादी मसूद अजहर के परिवार को “नष्ट” कर दिया गया था।

 

राजनाथ सिंह ने कहा, “यह हमारे भारतीय सेना के जवानों की बहादुरी का परिणाम था। ऑपरेशन सिंदूर में बहावलपुर हमले में मसूद अजहर के परिवार को नष्ट कर दिया गया। इसका एक वीडियो भी कल जारी किया गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की ताकत और बढ़ी है, और अब कोई भी देश या संगठन भारत की संप्रभुता को चुनौती देने का साहस नहीं कर सकता।

हैदराबाद मुक्ति दिवस पर बयान

रक्षा मंत्री सिंह हैदराबाद में हैदराबाद मुक्ति दिवस की 78वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह दिन ऑपरेशन पोलो के तहत निज़ाम के शासन से हैदराबाद के भारतीय संघ में विलय के बाद मनाया जाता है। इस अवसर पर उन्होंने भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण भी किया। पटेल, जो स्वतंत्रता के बाद के भारत के पहले गृह मंत्री थे, ने भारतीय रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

 

भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम पर टिप्पणी

राजनाथ सिंह ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम समझौते में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावे को भी नकारा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई आतंकवादी घटना होती है, तो ऑपरेशन सिंदूर फिर से शुरू किया जाएगा। सिंह ने कहा, “हमने आतंकवादियों के खिलाफ जो कार्रवाई की थी, उसे किसी के हस्तक्षेप के कारण नहीं रोका गया है। ऑपरेशन सिंदूर को केवल स्थगित किया गया है, और अगर फिर से कोई आतंकवादी घटना होती है, तो यह फिर से शुरू होगा।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम की बातचीत सैन्य अभियान महानिदेशकों (DGMOs) के बीच सीधी बातचीत के आधार पर हुई थी, और इसमें किसी तीसरे पक्ष का कोई हस्तक्षेप नहीं था।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री के बयान का खंडन

हाल ही में, पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने एक साक्षात्कार में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और भारत के बीच द्विपक्षीय मुद्दों को सुलझाने के लिए किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों के दावे को खारिज किया, जिनके अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति ने संघर्ष विराम वार्ता में शामिल होने का दावा किया था। केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इन दावों को नकारते हुए कहा कि यह “विचित्र” और “अनुचित” था।

Exit mobile version