
नेशनल डेस्क: पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की हत्या के बाद पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट खड़ा हो गया है। केंद्र सरकार से कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। आतंकियों की इस कायराना हरकत के बाद भारत ने भी सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस आतंकी घटना पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अत्याचारियों को सबक सिखाना हमारा धर्म है और यही असली अहिंसा है।
रामायण का जिक्र कर दिया उदाहरण
मोहन भागवत ने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान राम ने रावण का वध इसलिए किया क्योंकि उसने गलत रास्ता अपनाया और सुधरने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “अहिंसा हमारा धर्म है, लेकिन जब कोई अत्याचार करे तो उसे रोकना भी अहिंसा ही है। रावण को भी सुधरने का मौका दिया गया, लेकिन जब उसने नहीं सुना तो उसका अंत किया गया।”
ये हमला धर्म और अधर्म के बीच
भागवत ने कहा, ”ये हमला धर्म और अधर्म के बीच की लड़ाई है। लोगों से उनका धर्म पूछकर मारा गया, ये हिंदू संस्कृति नहीं है। हम कभी नफरत से काम नहीं करते, लेकिन चुपचाप सहना भी हमारी परंपरा नहीं है। अब बुराई के खिलाफ मजबूती से खड़े होने की जरूरत है। ताकत है तो समय आने पर दिखाना चाहिए।”
अब हमें सख्त जवाब देना होगा: भागवत
मोहन भागवत ने आगे कहा कि एक सच्चे अहिंसावादी को मजबूत भी होना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर हमारे पास ताकत है तो जरूरत पड़ने पर हमें वो ताकत दिखानी चाहिए। हम हमेशा शांति चाहते हैं, लेकिन अगर कोई बार-बार हमला करता है, तो चुप रहना सही नहीं है। अब हमें सख्त जवाब देना होगा।”
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