
नेशनल डेस्क: लोकसभा और राज्यसभा से पारित वक्फ संशोधन बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। हैदराबाद से सांसद और AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल के खिलाफ याचिका दायर की है। ओवैसी से पहले बिहार के कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने भी इस बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। अब तक वक्फ बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं।
यह बिल राज्यसभा से 2 अप्रैल को पास हुआ, जिसके बाद कांग्रेस के जयराम रमेश ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी इस बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। तमिलनाडु की DMK पार्टी ने भी इस बिल के खिलाफ याचिका दायर करने की बात कही थी। इसके बाद कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने पहली याचिका दायर की।
याचिका में क्या दलील दी गई?
कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद की याचिका में कहा गया है कि यह वक्फ संशोधन बिल भारतीय संविधान के कई महत्वपूर्ण अनुच्छेदों का उल्लंघन करता है। खासकर अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 25 (धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता), अनुच्छेद 26 (धार्मिक मामलों के प्रबंधन की स्वतंत्रता), अनुच्छेद 29 (अल्पसंख्यक अधिकार), और अनुच्छेद 300A (संपत्ति का अधिकार) का उल्लंघन किया जा रहा है।
विधेयक का संसद से पारित होना
वक्फ संशोधन बिल, 2025 को लोकसभा से 3 अप्रैल को पारित किया गया था। इसके बाद 12 घंटे की लंबी चर्चा हुई और रात 1.56 बजे विधेयक को वोटिंग के बाद पारित किया गया। लोकसभा में इस बिल के समर्थन में 288 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 232 वोट डाले गए थे। लोकसभा के बाद राज्यसभा में वक्फ बिल पास हो गया। राज्यसभा में 128 वोट पक्ष में और 95 वोट विरोध में पड़े।