खेल डेस्क। आज एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होने जा रहा है। यह मैच दुबई में खेला जाएगा। लेकिन इस मैच को लेकर कई लोगों की भावनाएं उदास और नाराज हैं, खासकर उन लोगों की जिन्होंने हाल ही में अपने प्रियजनों को आतंकवाद की वजह से खोया है। आपको बतादें, कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में कुछ महीने पहले एक आतंकवादी हमला हुआ था। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। यह हमला देश के लिए बहुत दुखद और दर्दनाक था। ऐसे में यह पहला मौका होगा जब हमले के छह महीने के अंदर भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच होगा।
पहलगाम हमले के पीड़ितों ने जताया विरोध
पहलगाम हमले के पीड़ित संतोष जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने कहा कि उन्हें लगता है कि आज का मैच नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा “अभी भी समय है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि BCCI (बीसीसीआई) ऐसा सोचता है। यह बहुत शर्मनाक है। पहलगाम की घटना को अभी 6 महीने भी नहीं हुए हैं। इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर हुआ। मुझे बुरा लगता है कि इतने दुख और घटनाओं के बाद भी, उन्हें इस मैच में कोई शर्म नहीं है।”
‘पीड़ितों की भावनाओं की परवाह किसी को नहीं है’
असावरी ने कहा कि जिन लोगों ने अपने परिवार को खोया है, उनकी भावनाओं की परवाह किसी को नहीं है। उन्होंने कहा “इन लोगों को फर्क नहीं पड़ता कि कितने लोग मारे गए। मैंने कहीं पढ़ा कि आपको मिलने वाली धनराशि आपकी देशभक्ति तय करती है। क्या यह सच है? क्या आपके दिल में उन लोगों के लिए कोई भावना नहीं है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है?”
#WATCH | Pune, Maharashtra: On India vs Pakistan match today in Asia Cup 2025, Asavari Jagdale – daughter of Pahalgam terror attack victim Santosh Jagdale, says, “I think today’s match should not have been held. There is still some time. But I don’t think that the BCCI feels the… pic.twitter.com/6hz2oZFHQQ
— ANI (@ANI) September 14, 2025
आतंकवाद के लिए फंडिंग का डर
असावरी ने लोगों से अपील की कि वे यह मैच न देखें। उनका मानना है कि मैच देखकर लोग अनजाने में आतंकवाद को मदद पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा “मुझे लगता है कि आप यह मैच देखकर इंडायरेक्ट तरीके से आतंकवाद को फंडिंग दे रहे हो। इस तरह की चीज़ें बंद होनी चाहिए। आतंकवाद करने वालों से किसी भी तरह का रिश्ता मत रखो।”
क्रिकेटरों को लेकर क्या कहा
असावरी ने क्रिकेटरों को भी याद दिलाया कि वे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा “कुछ क्रिकेटरों ने कहा कि वो मैच नहीं चाहते, लेकिन जो लोग तैयार हैं, उनसे पूछना चाहती हूं—क्या आप सच में हीरो हैं? आप उन्हीं लोगों के खिलाफ खेल रहे हैं जिनके हाथ खून से रंगे हैं। अगर आप सिर्फ पैसे के लिए यह कर रहे हैं तो मत करो। इससे हमारी भावनाओं को चोट पहुंचती है।”

