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चीन पहुंचे PAK के डिप्टी PM इशाक डार, AirPort पर हुई जबरदस्त बेइज्जती… पाकिस्तानियों ने किया ट्रोल

इंटरनेशनल डेस्क : पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार अपने तीन दिवसीय यात्रा पर चीन गए हुए है। उनके यात्रा की शरुआत बेहद अपमानजनक तरीके से हुई। बता दें कि बीजिंग एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए कोई खास इंतजाम या तैयारी नहीं की गई। बस फिर क्या यह बात मीडिया से लेकर सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो गई। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

आपको बता दें कि पाक विदेश मंत्री कि तीन दिवसीय चीन दौरे की शुरुआत बेहद अपमानजनक तरीके से हुई। बीजिंग एयरपोर्ट पर डार का स्वागत न तो किसी वरिष्ठ चीनी अधिकारी ने किया, और न ही कोई मंत्री उपस्थित था। स्वागत के लिए केवल कुछ जूनियर चीनी अधिकारी पहुंचे, और डार को बस में बैठाकर एयरपोर्ट से बाहर ले जाया गया। आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेहमानों को विशेष सम्मान दिया जाता है, लेकिन इस मामले में रेड कार्पेट जैसी औपचारिकताएं भी नदारद रहीं।

सोशल मीडिया पर जमकर मजाक

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जब इशाक डार के बीजिंग आगमन का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X  पर साझा किया, तो पाकिस्तान के ही नेटिज़न्स ने आलोचना शुरू कर दी।
एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, “ऐसे ही हमारी इज्जत ली जाती है।” कई लोगों ने इस बात पर भी सवाल उठाए कि जब एक देश के डिप्टी पीएम को इतनी कम औपचारिकता और सम्मान से रिसीव किया गया, तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की स्थिति क्या होगी?

भारत-PAK तनाव और चीन की नाराजगी

जानकारों का मानना है कि इस फीके स्वागत के पीछे हाल की कुछ राजनीतिक और कूटनीतिक घटनाएं हैं। दरअसल, हाल ही में खबरें आई थीं कि पाकिस्तान ने भारत के साथ सीजफायर की कोशिश में अमेरिका से मध्यस्थता की मांग की थी। चीन, जो खुद को पाकिस्तान का रणनीतिक साझेदार मानता है, इस रवैये से नाराज बताया जा रहा है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में फेल हुए चीनी हथियार

भारत ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का जवाब 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए दिया। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में 11 आतंकी ठिकानों पर सटीक स्ट्राइक की। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में चीनी हथियारों जैसे  PL-15 मिसाइल,  HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम और JF-17 फाइटर जेट्स का इस्तेमाल किया, लेकिन ये सभी निष्क्रिय या असफल साबित हुए। इसके बाद चीनी हथियारों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा को लेकर चीन पहुंचे डार

इशाक डार का चीन दौरा मुख्य रूप से क्षेत्रीय सुरक्षा और अफगानिस्तान की स्थिति को लेकर चर्चा के लिए है। अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री भी इस वार्ता में शामिल होंगे।
हालांकि, जिस तरह से बीजिंग में ठंडा स्वागत किया गया, उससे यह संकेत मिलते हैं कि चीन-पाकिस्तान संबंधों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

भारत की सैन्य श्रेष्ठता बनी वैश्विक चर्चा

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत ने न सिर्फ आतंकवाद पर सटीक प्रहार किया, बल्कि अपने सैन्य और तकनीकी कौशल को भी दुनिया के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
इससे न केवल पाकिस्तान, बल्कि चीन की सैन्य विश्वसनीयता भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवालों के घेरे में आ गई है। इशाक डार के इस दौरे की शुरुआत ने जहां पाकिस्तान की विदेश नीति की कमजोरी उजागर की, वहीं भारत की रणनीतिक सक्षमता को और अधिक मजबूती प्रदान की है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पाकिस्तान और चीन के रिश्ते फिर से पहले जैसी गर्मजोशी पा सकेंगे।

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