नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए सैन्य तनाव के बाद अब सीमाओं पर शांति है, लेकिन दोनों देशों के रिश्तों में तनाव अभी भी बना हुआ है। सिंधु जल समझौता खत्म होने के बाद पाकिस्तान को पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।
पाकिस्तान बातचीत चाहता है, लेकिन शर्तें भी हैं
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा है कि वे भारत के साथ पानी समेत सभी मुद्दों पर बड़ी बातचीत करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ आतंकवाद पर ही चर्चा करना चाहता है, जो सही तरीका नहीं है। इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डार ने कहा, “हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन हमें इसकी जल्दी नहीं है।”
दोबारा युद्ध की संभावना कम: इशाक डार
जब डार से पूछा गया कि क्या भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से कोई युद्ध हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि इसकी संभावना बहुत कम है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच सीजफायर (युद्धविराम) हो चुका है, और सैनिकों की वापसी भी हो गई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि “भविष्य की गारंटी कोई नहीं दे सकता।”
पहलगाम हमले से बिगड़े रिश्ते
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में चार आतंकियों ने हमला कर दिया था, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की मौत हो गई थी। जांच में पता चला कि हमलावरों को पाकिस्तान में ट्रेनिंग दी गई थी। इसके बाद भारत ने सिंधु जल समझौता रद्द कर दिया, पाकिस्तान के नागरिकों को देश छोड़ने को कहा, और आतंकी ठिकानों पर हमला भी किया।
सीमा पर चार दिन चला तनाव
इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान की सेनाएं आमने-सामने आ गईं। करीब चार दिन तक दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हवाई हमले किए। इस दौरान मिसाइल और ड्रोन हमले भी हुए। फिर पाकिस्तान के डीजीएमओ (सेना के वरिष्ठ अधिकारी) ने भारत के डीजीएमओ से बातचीत की और सीजफायर पर सहमति बनी।

