
नेशनल डेस्क: भारतीय वायुसेना के वायु संचालन महानिदेशक, एयर मार्शल ए.के. भारती ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और उसकी रणनीति को विस्तार से बताया। यह ऑपरेशन 7 मई को शुरू किया गया था, जो कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था। इस अभियान में भारत ने पाकिस्तान और पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में मौजूद 9 बड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। हमले इतने सटीक और योजनाबद्ध थे कि नागरिक और सैन्य ढांचे को न्यूनतम नुकसान पहुंचा।
पाकिस्तान ने आतंकियों का साथ दिया
एयर मार्शल भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमारी लड़ाई पाकिस्तान से नहीं, बल्कि आतंकवाद और आतंकियों के समर्थन नेटवर्क से है।” पाकिस्तान ने जानबूझकर आतंकियों का साथ दिया, इसीलिए उन्हें भी जवाब देना जरूरी हो गया। भारतीय सेना ने एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें पाकिस्तानी हथियारों को नष्ट होते हुए देखा गया।
भारतीय वायु रक्षा प्रणाली की ताकत
एयर मार्शल ने बताया कि भारत की एयर डिफेंस (AD) प्रणाली अत्याधुनिक और बहुस्तरीय है। इसमें आर्मी, नेवी और एयरफोर्स की टेक्नोलॉजी, साथ ही स्वदेशी “सॉफ्ट और हार्ड किल” काउंटर-ड्रोन सिस्टम शामिल हैं। पाकिस्तान द्वारा भेजे गए कई ड्रोन, यूएवी और मिसाइलें भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराईं। उन्होंने कहा, “हमारी AD प्रणाली इतनी मजबूत थी कि दुश्मन की कोई भी उड़ती वस्तु हमारी सीमा में प्रवेश नहीं कर सकी।”
चीनी मिसाइल भी हुई नाकाम
पाकिस्तान ने चीनी मिसाइल PL-15 का इस्तेमाल किया, लेकिन वह अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। उसका मलबा भारतीय सेना ने बरामद कर लिया। पाकिस्तान के लॉन्ग-रेंज रॉकेट और लोइटरिंग म्यूनिशन को भी सफलता से नष्ट किया गया।
यह सब कैसे संभव हुआ?
एयर मार्शल ने इस सफलता का श्रेय भारत सरकार द्वारा पिछले एक दशक में दी गई मजबूत बजटीय मदद को दिया। एयर मार्शल ने कहा, “भारत सरकार की अटूट बजट सहायता के कारण ही हम इतनी ताकतवर रक्षा प्रणाली विकसित कर पाए हैं।” उन्होंने ‘आकाश’ जैसी स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली की भी सराहना की, जो इस ऑपरेशन की बड़ी कामयाबी का हिस्सा रही। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना संचालन महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और नौसेना संचालन महानिदेशक वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद भी मौजूद थे।
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