नेशनल डेस्क : पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। दोनों देशों की सेनाएं पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं और सीमा पर युद्ध का खतरा लगातार बढ़ रहा है।इस संवेदनशील माहौल के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने भारत-पाकिस्तान के तनाव पर गोपनीय बैठक की। यह बैठक पाकिस्तान के अनुरोध पर बुलाई गई थी, लेकिन इसके नतीजे पाकिस्तान के लिए झटका साबित हुए। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
पाकिस्तान को UNSC में लताड़…
दरअसल, बैठक में पाकिस्तान से कड़े और तीखे सवाल पूछे गए। विशेषकर यह पूछा गया कि क्या इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का हाथ था ? पाकिस्तान के भारत पर लगाए गए झूठे आरोपों को परिषद के अधिकतर सदस्यों ने खारिज कर दिया और कहा कि इस हमले में धार्मिक आधार पर पर्यटकों को निशाना बनाया गया, जो बेहद निंदनीय है।
पाकिस्तान की परमाणु बयानबाजी पर भी आपत्ति
बैठक में कई देशों ने पाकिस्तान के हालिया मिसाइल परीक्षणों और परमाणु हमले की धमकियों पर चिंता जताई। इन बयानों को उन्होंने तनाव भड़काने वाला करार दिया और पाकिस्तान को संयम बरतने की सलाह दी।
UNSC ने दिया संवाद का सुझाव
बैठक में परिषद के सदस्यों ने भारत और पाकिस्तान दोनों से संयम बरतने और बातचीत से मसले सुलझाने की अपील की। पाकिस्तान ने इस बैठक को अंतरराष्ट्रीय समर्थन पाने के लिए बुलाया था, लेकिन कोई आधिकारिक बयान जारी न होना इस बात का संकेत है कि संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान के आरोपों को समर्थन नहीं दिया।
UNSC की चुप्पी – पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका
इस बैठक की अध्यक्षता मई महीने के लिए सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष ग्रीस (यूनान) ने की। बैठक के बाद संयुक्त राष्ट्र की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, जिससे यह साफ है कि पाकिस्तान को वह समर्थन नहीं मिला जिसकी उसे उम्मीद थी। यह स्थिति कूटनीतिक रूप से पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।

