नई दिल्ली : आज सुबह 11 बजे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “परीक्षा पे चर्चा” का आठवां संस्करण नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने स्कूली छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से बातचीत कर रहे हैं। इस बार के कार्यक्रम में पांच करोड़ से ज्यादा प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।
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— BJP Delhi (@BJP4Delhi) February 10, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को परीक्षा के दौरान मन को शांत रखने की अहमियत पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि जब हम कहते हैं कि “कल पढ़ाई नहीं कर पाया” या “कल मूड ठीक नहीं था,” तो इसका मतलब है कि हम खुद को ठीक से समझ नहीं पा रहे हैं। पीएम मोदी ने बताया कि अगर हम बार-बार इस तरह की बातें करेंगे तो हमारा मन शांत नहीं रहेगा। उन्होंने सलाह दी कि हमें जो भी कर रहे हैं, उसी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और आत्म-संयम बनाए रखना चाहिए।
पीएम मोदी ने छात्रों को समय प्रबंधन के महत्व को समझाते हुए कहा कि हर छात्र के पास 24 घंटे होते हैं, लेकिन इसे सही तरीके से इस्तेमाल करने में अंतर आता है। कुछ छात्र इस समय का उपयोग अच्छे से करते हैं, जबकि कुछ ऐसा महसूस करते हैं कि उन्होंने कुछ खास नहीं किया। इसका मुख्य कारण सही तरीके से समय का प्रबंधन न करना है।
उन्होंने छात्रों से कहा कि सबसे पहले यह तय करें कि अपने समय का उपयोग कैसे करना है। इसके लिए टाइमटेबल बनाना जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा कि “कागज पर अपना टाइमटेबल लिखिए, और अगले दिन यह चेक करें कि आपने जितना काम तय किया था, उतना किया या नहीं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को लिखने की आदत अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चाहे किसी भी उम्र के लोग हों, लिखने की आदत हमेशा होनी चाहिए। जैसे कवि अपनी कविताओं को लिखकर अपने विचारों को बांधते हैं, वैसे ही छात्रों को भी अपने विचारों और पढ़ाई को लिखकर व्यवस्थित करना चाहिए।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि जब टीचर एग्जाम से पहले सवाल और उत्तर लिखवाते हैं, तो यह छात्रों की ताकत को पहचानने का एक तरीका होता है। छात्रों को खुद को जानने और अपनी क्षमताओं को पहचानने के लिए इस तरह की आदतों को अपनाना चाहिए।
किताबी कीड़ा बनने को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों को केवल किताबों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, लेकिन ज्ञान प्राप्ति से पीछे नहीं हटना चाहिए। उनका कहना था कि हमेशा कुछ नया सीखने की इच्छा और उत्साह बनाए रखना चाहिए। ज्ञान प्राप्त करने का मार्ग कभी बंद नहीं होना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर छात्रों को सेहत का ध्यान रखने के कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को पानी पीते वक्त इसका स्वाद भी महसूस करना चाहिए। पानी पीने का तरीका सही होना चाहिए।
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुंदर नर्सरी में छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ की।
छात्रों से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आप सम्मान मांग नहीं सकते, आपको सम्मान कमाना पड़ेगा। इसके लिए आपको खुद को बदलना होगा। लीडरशीप थोपी नहीं जाती…लीडर बनने के… pic.twitter.com/KEovpUwDeT
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पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि उन्हें यह समझना जरूरी है कि क्या खाना, कब खाना और कैसे खाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने नींद की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि शरीर की फिटनेस और अच्छे स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है। नींद और पोषण दोनों का एक-दूसरे से गहरा संबंध है।
इसके अलावा, पीएम ने छात्रों से कहा कि क्या उन्होंने कभी पेड़ के नीचे खड़े होकर गहरी सांस ली है? यह जीवन में शांति और प्रगति पाने के लिए एक अच्छा तरीका है।
एक केरल की छात्रा ने पीएम से पूछा कि यदि परीक्षा में अच्छे अंक नहीं आए तो क्या हमारा भविष्य खराब हो जाएगा? इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि समाज में यह धारणा बन गई है कि अगर स्कूल में अच्छे नंबर नहीं आए तो जिंदगी खराब हो जाएगी। उन्होंने छात्रों को यह समझने के लिए प्रेरित किया कि सिर्फ नंबरों से जिंदगी की सफलता का निर्धारण नहीं होता।
पीएम मोदी ने उदाहरण के तौर पर क्रिकेट का जिक्र करते हुए कहा कि बैट्समैन को हमेशा ऑडियंस का दबाव नहीं लेना चाहिए। जैसे क्रिकेट में कभी आउट होते हैं तो कभी छक्का लगाते हैं, वैसे ही जिंदगी में भी हमें खुद से ही मुकाबला करना चाहिए और हर बार अपनी बेहतरता के लिए प्रयास करना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से कहा कि उन्हें यह सोचना चाहिए कि पिछली बार अगर 30 अंक आए थे तो इस बार 35 अंक लाने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि खुद से मुकाबला करना है और धीरे-धीरे अपने मन को स्थिर करना है।
प्रधानमंत्री मोदी के इन विचारों ने छात्रों को मानसिक रूप से तैयार होने और अपने आत्मविश्वास को मजबूत करने का संदेश दिया।
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुंदर नर्सरी में छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ की।
छात्रों से बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारे समाज में दुर्भाग्य से ये घुस गया कि अगर हम स्कूल में इतने नंबर नहीं लाए, 10वीं-12वीं में इतने नंबर नहीं आए तो जिंदगी तबाह… pic.twitter.com/fOLGTfIK2y
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नया प्रारूप और विशेष हस्तियां
आपको बता दें कि इस साल “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम एक नए और खास प्रारूप में आयोजित हो रहा है। पहली बार इसमें कई प्रसिद्ध हस्तियां शामिल हो रही हैं, जो छात्रों को परीक्षा के तनाव से निपटने के तरीके बताएंगी। इनमें फिल्म स्टार दीपिका पादुकोण, छह बार की विश्व मुक्केबाजी चैंपियन एमसी मैरीकॉम, और आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जैसी नामचीन हस्तियां शामिल हैं।
इसके अलावा, बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, विक्रांत मैसी, भूमि पेडनेकर, महिला बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम, सद्गुरु, पैरा एथलीट अवनी लेखरा, पोषण विशेषज्ञ रुजुता दिवेकर, माइंड कोच सोनाली सभरवाल, वेंचर कैपिटलिस्ट रेवंत हिमात्सिंगका, एचटीसी इंडिया की सीईओ राधिका गुप्ता और टेक गुरु गौरव चौधरी भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने।