नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार ने लोकसभा में आयकर बिल को वापस ले लिया है और अब इस बिल के नए संस्करण को संसद में 11 अगस्त 2025 को पेश किया जाएगा। इस विधेयक को 13 फरवरी 2025 को लोकसभा में प्रस्तुत किया गया था और उसी दिन इसे सेलेक्ट कमिटी के पास भेजा गया था। कमिटी ने 22 जुलाई 2025 को अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद बिल में कई संशोधन किए हैं।
नए बिल में क्या बदलाव होंगे?
नए आयकर बिल का उद्देश्य 1961 के आयकर अधिनियम की जगह लेना है और इसे ज्यादा सरल और स्पष्ट बनाने की कोशिश की गई है। हालांकि, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया गया है। आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्लैब संरचना को बिना किसी बदलाव के छोड़ दिया गया है, जबकि नया विधेयक भाषा को सरल बनाने और अनावश्यक प्रावधानों को हटाने पर जोर देगा।

सदन में उठी चर्चाएं और संशोधन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर विधेयक को वापस लेने की अनुमति सदन से प्राप्त की, खासकर बिहार में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण के मुद्दे पर विपक्षी दलों के हंगामे के बीच। सेलेक्ट कमिटी ने इस बात का सुझाव दिया है कि टैक्सपेयर्स को आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख के बाद भी बिना किसी पेनल चार्ज के टीडीएस रिफंड का दावा करने की अनुमति दी जाए।
क्या है बिल का उद्देश्य?
नए बिल का उद्देश्य आयकर प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी और व्यवसायिक दृष्टि से कारगर बनाना है, ताकि टैक्सपेयर्स को कम पेचीदा प्रक्रिया का सामना करना पड़े। इस बिल को लोकसभा में पेश करने के बाद संसद से मंजूरी मिलने पर यह लागू होगा।