नई दिल्ली। लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हिस्सा लिया और सरकार पर जमकर तिखा हमला बोला। उन्होंने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला और भारतीय सेना की जमकर तारीफ की। राहुल गांधी ने कहा कि पहलगाम में जो आतंकी हमला हुआ, वह बहुत ही बेरहमी से किया गया। इस हमले में निर्दोष लोगों की हत्या कर दी गई जिनमें बुज़ुर्ग और युवा दोनों शामिल थे। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया। राहुल गांधी ने साफ कहा कि यह हमला सिर्फ कुछ आतंकियों का काम नहीं था, बल्कि इसके पीछे पाकिस्तान सरकार का सीधा हाथ था। उन्होंने इसे एक प्रायोजित और योजनाबद्ध साजिश करार दिया। राहुल ने बताया कि संसद के हर सदस्य ने मिलकर पाकिस्तान की इस निंदनीय हरकत की आलोचना की है। सभी दल एक साथ खड़े हैं और आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से बोल रहे हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर सरकार का समर्थन किया… राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर सरकार का समर्थन किया और चट्टान की तरह उसके साथ खड़ा रहा।
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि जिस क्षण ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, बल्कि उससे पहले ही , विपक्ष ने यह संकल्प लिया था कि वह सेनाओं और भारत की निर्वाचित सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ा रहेगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पहलगाम में जो आतंकी हमला हुआ, वह बहुत ही खतरनाक और दुखद था। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी आतंकियों ने निर्दोष भारतीय नागरिकों की बेरहमी से हत्या की। राहुल ने ये भी साफ किया कि इस मुश्किल घड़ी में विपक्ष सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ा रहा।
जवान टाइगर हैं, उन्हें खुली छूट चाहिए: राहुल गांधी
राहुल ने संसद में कहा कि हमारी सेना बहादुर है, उन्हें अपनी कार्रवाई में पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। “शेर को खुला छोड़ना पड़ता है, उसे बांध कर नहीं रखा जा सकता।” इसका मतलब यह था कि जवानों को अपने फैसले खुद लेने की आज़ादी होनी चाहिए ताकि वे आतंकियों को जवाब दे सकें।
1971 में देश की इच्छाशक्ति मजबूत थी
राहुल गांधी ने 1971 की भारत-पाकिस्तान जंग की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सेना प्रमुख जनरल सैम मानेकशॉ को पूरी छूट दी थी। जनरल ने कहा था कि अभी हमला करना ठीक नहीं है, तो इंदिरा गांधी ने कहा “आपको जितना वक्त चाहिए, लीजिए।” राहुल बोले कि उस समय सरकार और सेना की इच्छाशक्ति इतनी मजबूत थी कि पाकिस्तान के एक लाख सैनिकों ने सरेंडर कर दिया और बांग्लादेश नाम का नया देश बना।
राहुल गांधी का आरोप लगाते हुए कहा- सरकार ने खुद पीछे हटने का फैसला लिया
राहुल गांधी ने सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद बताया कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ 22 मिनट चला। उसके बाद भारत ने पाकिस्तान को फोन किया और कहा कि हमने गैर-मिलिट्री (सैन्य के अलावा) ठिकानों पर हमला किया है और हम तनाव नहीं बढ़ाना चाहते।
राहुल के मुताबिक, रात 1:35 बजे भारत सरकार ने सेना के DGMO (डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन्स) को सीजफायर का आदेश दे दिया। मतलब साफ था कि भारत अब आगे लड़ाई नहीं चाहता। राहुल गांधी ने कहा: “उस रात भारत ने अपनी इच्छाशक्ति से सरेंडर कर दिया।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने खुद ही पाकिस्तान को बता दिया कि हम आगे लड़ना नहीं चाहते।

अगर दम है तो पीएम कहें ट्रंप झूठ बोल रहे हैंः राहुल गांधी
राहुल गांधी ने संसद में कहा कि भारत सरकार ने विदेश नीति और सैन्य कार्रवाई के मामले में गंभीर गलती की है। उन्होंने कहा “अगर हमारी किसी से लड़ाई हो जाती है और फिर हम कहें कि अब हम नहीं लड़ना चाहते, तो ये गलत तरीका है।” उन्होंने कहा कि यह गलती सेना की नहीं, बल्कि सरकार की थी। सरकार ने फैसले लेने में जल्दबाजी की और सही तरीके से सेना को काम करने का समय नहीं दिया।
ट्रंप ने कहा 29 बार कि हमने युद्ध रुकवाया – राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का हवाला देते हुए कहा “ट्रंप ने 29 बार कहा है कि हमने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया।” राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि “अगर उनमें हिम्मत है, तो सदन में खड़े होकर कहें कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं। अगर उनमें इंदिरा गांधी का 50% भी साहस है, तो यह बात खुले आम कह दें।” राहुल गांधी ने विदेश मंत्री की बातों पर भी सवाल उठाए।
“क्या किसी देश ने सीधे पाकिस्तान की निंदा की?
उन्होंने कहा कि “न्यू नॉर्मल” शब्द को बार-बार दोहराया जा रहा है, लेकिन असलियत यह है कि दुनिया के देशों ने सिर्फ आतंकवाद की आलोचना की, पाकिस्तान का नाम नहीं लिया।
मौजूदा सरकार ने 30 मिनट में सरेंडर कर दिया
राहुल गांधी ने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि जब 1971 में युद्ध हुआ था, तब सैम मानेकशॉ (तत्कालीन सेना प्रमुख) ने इंदिरा गांधी से कहा था “हमें युद्ध की तैयारी के लिए छह महीने का समय दीजिए।” इंदिरा गांधी ने उन्हें पूरा समय दिया, जिससे भारत को युद्ध में सफलता मिली।
इसके विपरीत, राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा सरकार ने “पाकिस्तान को 1:35 बजे जानकारी दे दी कि हमने हमला किया है। सिर्फ 30 मिनट में ही सरेंडर कर दिया। ये दिखाता है कि सरकार में इच्छाशक्ति की कमी है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने “पायलटों के हाथ-पांव बांध दिए हैं यानी उन्हें पूरी तरह से स्वतंत्रता से काम करने की इजाजत नहीं है।”