नेशनल डेस्क: भाजपा सांसद संबित पात्रा ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के नेताओं के “प्लूटोनियम बम” वाले बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि “प्लूटोनियम बम” नवंबर के अंत तक फटेगा, और उस समय कांग्रेस पार्टी बिहार में अपनी हार स्वीकार करेगी।
संबित पात्रा का बयान
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, संबित पात्रा ने कहा, “प्लूटोनियम बम नवंबर के अंत तक फटेगा, जब कांग्रेस बिहार में हार जाएगी। सभी बम एक साथ फटेंगे, हाइड्रोजन, परमाणु और प्लूटोनियम बम और कांग्रेस पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। जो बम बनाता है, वह उससे नष्ट हो जाता है। राहुल गांधी को बम बनाने दो, लोकतंत्र का बम-बम होगा, और बम बनाने वालों का गम-गम होगा।” यह बयान कांग्रेस नेता जयराम रमेश की उस टिप्पणी का जवाब था, जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी अगले महीने अलग-अलग जगहों पर मिनी हाइड्रोजन बम, हाइड्रोजन बम और प्लूटोनियम बम गिराने वाले हैं।
कांग्रेस पर आरोप और राहुल गांधी की आलोचना
संबित पात्रा ने कांग्रेस पार्टी और विशेष रूप से राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता खुद अपने वादों को नहीं समझते और वे बस दूसरों द्वारा दिए गए कागजों को पढ़कर जनता को धोखा देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी खुद अपने किए गए वादों को नहीं समझते। उन्हें एक कागज दिया जाता है, वे उसे पढ़ते हैं। अगर ये वादे सच में दिल से होते, तो उन्हें कागज पढ़ने की जरूरत नहीं होती, यह उनके मुँह से अपने आप निकलना चाहिए था।”
पात्रा ने यह भी कहा, “मतदाता से ज्यादा समझदार कोई नहीं होता। उन्हें ‘जनता जनार्दन’ कहा जाता है। एक साधारण सा दिखने वाला ग्रामीण भी हमसे ज्यादा समझदार है। वह उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी और अखिलेश यादव को देख चुका है। वहां भी ऐसे ही वादे किए गए थे, लेकिन मतदाता जानता है कि अंततः इन वादों का कोई फायदा नहीं होता।”
राहुल गांधी के “अति पिछड़ा वर्ग न्याय संकल्प” पर हमला
भाजपा सांसद ने राहुल गांधी के “अति पिछड़ा वर्ग न्याय संकल्प” पर भी निशाना साधा, जिसमें बिहार के ‘बहुजन समुदायों’ के लिए पूर्ण अधिकार और हक़ सुनिश्चित करने का वादा किया गया था। राहुल गांधी ने 10 ठोस संकल्पों की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिनमें पंचायत और नगर निकायों में आरक्षण को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करना और निजी कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में कोटा लागू करना शामिल था। पात्रा ने कहा, “राहुल गांधी और कांग्रेस के नेता सिर्फ कागजों पर योजनाएं बना रहे हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि इन वादों को कैसे पूरा किया जाएगा। ये सिर्फ चुनावी लुभावने वादे हैं, जिनका कोई ठोस आधार नहीं है।”

