Last Updated: November 3, 2026

Dainik Savera Times Logo

PM मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित हुए कहा, “आतंकवाद मानवता का दुश्मन है”

July 5, 2025

PM मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित हुए कहा, “आतंकवाद मानवता का दुश्मन है”

पोर्ट ऑफ स्पेन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि ” आतंकवाद मानवता का दुश्मन है ,” और इस वैश्विक खतरे के खिलाफ भारत की चल रही लड़ाई में त्रिनिदाद और टोबैगो सरकार के समर्थन को स्वीकार किया ।

प्रतिष्ठित रेड हाउस में बोलते हुए, जहां 1990 में तख्तापलट का प्रयास हुआ था, प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट मोर्चे की आवश्यकता पर बल दिया तथा मेजबान देश को उसकी एकजुटता के लिए धन्यवाद दिया।

आतंकवाद मानवता का दुश्मन
उन्होंने कहा, “आतंकवाद मानवता का दुश्मन है । इस रेड हाउस ने स्वयं आतंक के घाव और निर्दोष लोगों के खून की हानि देखी है। हमें आतंकवाद को किसी भी प्रकार का आश्रय या स्थान न देने के लिए एकजुट होना चाहिए। हम आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में हमारे साथ खड़े होने के लिए इस देश के लोगों और सरकार को धन्यवाद देते हैं। ”

प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक वैश्विक परिप्रेक्ष्य में रखा तथा विश्व के समक्ष अभूतपूर्व परिवर्तनों और चुनौतियों पर प्रकाश डाला तथा जलवायु परिवर्तन, खाद्य, स्वास्थ्य और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों को चिंताजनक बताया।

उन्होंने कहा, “मैं हमारी साझेदारी को एक बड़े वैश्विक ढांचे में भी देखता हूं। दुनिया में परिवर्तन का पैमाना और गति अभूतपूर्व है। राजनीति और सत्ता की प्रकृति में मौलिक बदलाव हो रहे हैं। मुक्त व्यापार दबाव में है। वैश्विक स्तर पर मतभेद, विवाद और असमानताएं बढ़ रही हैं।”

प्रधानमंत्री ने पुनः दोहराया कि आतंकवाद एक बड़ा खतरा बना हुआ है, साथ ही अंतरिक्ष और साइबर सुरक्षा में नई चुनौतियां और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का दोहरा प्रभाव भी सामने आ रहा है।

PM ने भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के बीच मूल्यों के संरेखण पर जोर दिया
उन्होंने वैश्विक शासन संरचनाओं के पुनर्मूल्यांकन का आह्वान करते हुए कहा, “दुनिया जलवायु परिवर्तन, खाद्य, स्वास्थ्य और ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियों का सामना कर रही है। आतंकवाद एक गंभीर खतरा बना हुआ है। अतीत के औपनिवेशिक शासन भले ही समाप्त हो गए हों, लेकिन उनकी छाया नए रूपों में बनी हुई है। अंतरिक्ष और साइबर सुरक्षा में नई चुनौतियाँ हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नए अवसरों के साथ-साथ जोखिम भी पैदा कर रहा है। पुरानी संस्थाएँ शांति और प्रगति लाने के लिए संघर्ष कर रही हैं।”

इन चुनौतियों के बावजूद, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के बीच मूल्यों के संरेखण पर जोर दिया तथा लोकतांत्रिक सिद्धांतों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता की वकालत की।

उन्होंने कहा, “हमारे दोनों देश आकार और भूगोल में भिन्न हो सकते हैं, लेकिन हमारे मूल्य एक-दूसरे से बहुत मिलते-जुलते हैं। हम गौरवान्वित लोकतंत्र हैं। हम संवाद, संप्रभुता, बहुपक्षवाद और मानवीय गरिमा में विश्वास करते हैं। संघर्ष के इन समयों में, हमें इन मूल्यों के प्रति सच्चे रहना चाहिए।”

एक्स पर एक पोस्ट में विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह संबोधन लोकतंत्र का उत्सव है, जो दोनों देशों के साझा मूल्यों और लोकाचार को जोड़ता है।

विदेश मंत्रालय ने कहा , “लोकतंत्र का जश्न मनाना – साझा मूल्यों और लोकाचार को जोड़ना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद की संयुक्त सभा को संबोधित किया। वह त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।”

विदेश मंत्रालय ने कहा, “प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के बीच सदियों पुराने संबंधों और बहुआयामी साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर बात की । उन्होंने त्रिनिदाद एवं टोबैगो के लोगों और सरकार को उन्हें यह विशेष सम्मान देने के लिए धन्यवाद दिया। दो लोकतंत्रों के रूप में भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और अपने ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री ने भारत -कैरिकॉम संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक दक्षिण को आवाज देने के लिए भारत के निरंतर समर्थन को रेखांकित किया।”

PM मोदी को ओआरटीटी से किया सम्मानित
इससे पहले आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो ‘ (ओआरटीटी) से सम्मानित किया गया।
त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू ने प्रधानमंत्री मोदी को यह पुरस्कार प्रदान किया। वह इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले विदेशी नेता बन गए हैं। यह किसी भी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया जाने वाला 25वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।

प्रधानमंत्री मोदी की त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा 2 जुलाई से 9 जुलाई तक होने वाली पांच देशों की व्यापक यात्रा का हिस्सा है। प्रधानमंत्री की त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा , प्रधानमंत्री के रूप में उनकी पहली यात्रा है तथा 1999 के बाद से प्रधानमंत्री स्तर पर पहली द्विपक्षीय यात्रा है।

प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया भी जाएंगे। वे अपनी यात्रा के चौथे चरण में 5 जुलाई से 8 जुलाई तक ब्राजील जाएंगे, जहां वे 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2025 में भाग लेंगे, उसके बाद दक्षिण अमेरिकी देश की राजकीय यात्रा करेंगे।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें