
नेशनल डेस्क : अहमदाबाद में श्रद्धा, भक्ति और परंपरा का सबसे बड़ा उत्सव जगन्नाथ रथयात्रा धूमधाम के साथ शुरू हो गई है। यह यात्रा हर साल आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के दिन निकाली जाती है और इसे देखने और इसमें शामिल होने के लिए देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु उमड़ पड़ते हैं। यह वह दिन होता है जब भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथ पर सवार होकर भक्तों के द्वार जाते हैं यह संदेश देने के लिए कि ईश्वर स्वयं अपने भक्तों के बीच आते हैं। वहीं इस शुभ रथयात्रा के निकले पर पीएम मोदी से लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी को शुभकामनाएं दी। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
अमित शाह और भूपेंद्र पटेल ने की पूजा-अर्चना
आपको बता दें कि जगन्नाथ यात्रा की शुरुआत सुबह मंगला आरती से हुई, जिसे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संपन्न किया। इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने परंपरा अनुसार भगवान के रथ के आगे झाड़ू लगाकर ‘सेवा’ दी, जिसे ‘पथ की सफाई’ की आध्यात्मिक भावना से जोड़ा जाता है। इसके साथ ही इस पवित्र यात्रा का शुभारंभ हुआ।
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पवित्र अवसर पर सभी देशवासियों को मेरी ढेरों शुभकामनाएं। श्रद्धा और भक्ति का यह पावन उत्सव हर किसी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए, यही कामना है। जय जगन्नाथ! pic.twitter.com/vj8K6a0XKM
— Narendra Modi (@narendramodi) June 27, 2025
PM मोदी ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रथयात्रा के इस पवित्र अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा“भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पवित्र अवसर पर सभी देशवासियों को मेरी ढेरों शुभकामनाएं। श्रद्धा और भक्ति का यह पावन उत्सव हर किसी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए, यही कामना है। जय जगन्नाथ!”
पवित्र रथयात्रा के अवसर पर मैं देश-विदेश में रह रहे महाप्रभु जगन्नाथ के भक्तों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देती हूँ। रथ पर विराजमान बड़े ठाकुर बलभद्र, महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, देवी सुभद्रा और चक्रराज सुदर्शन के दर्शन करके लाखों भक्त दिव्य अनुभूति प्राप्त करते हैं। इन ईश्वरीय स्वरूपों…
— President of India (@rashtrapatibhvn) June 27, 2025
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी सभी को दी बधाई
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस शुभ अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में रथयात्रा की आध्यात्मिकता और दिव्यता को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने लिखा “पवित्र रथयात्रा के अवसर पर मैं देश-विदेश में रह रहे महाप्रभु जगन्नाथ के भक्तों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देती हूँ। रथ पर विराजमान बड़े ठाकुर बलभद्र, महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, देवी सुभद्रा और चक्रराज सुदर्शन के दर्शन करके लाखों भक्त दिव्य अनुभूति प्राप्त करते हैं। इन ईश्वरीय स्वरूपों की मानवीय लीला ही रथयात्रा की विशेषता है।” उन्होंने यह भी प्रार्थना की कि यह पर्व विश्व में शांति, मैत्री और स्नेह का वातावरण बनाए।
श्रद्धा, संस्कृति और सुरक्षा के संगम का उत्सव
जगन्नाथ रथयात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व हमें यह सिखाता है कि भक्ति सिर्फ मंदिरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जब भगवान खुद भक्तों के पास आते हैं, तो समाज में प्रेम, समर्पण और सेवा की भावना और भी प्रबल होती है। इस वर्ष की यात्रा में प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है ताकि यह पर्व बिना किसी विघ्न के संपन्न हो सके।
अहमदाबाद की यह रथयात्रा भारत की उन परंपराओं में से एक है, जो हर वर्ष आस्था और सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करती है। मंगला आरती से लेकर झाड़ू सेवा, और नेताओं से लेकर आम जनता तक, सब इस महायात्रा का हिस्सा बनते हैं। रथयात्रा सिर्फ एक धार्मिक चलन नहीं, बल्कि वह आत्मिक यात्रा है जो दिलों को जोड़ती है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।