नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘रोजगार मेला’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और 51,000 से ज़्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। ये युवा अब केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में स्थायी नौकरी शुरू करेंगे। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए देश की युवा शक्ति की जमकर सराहना की और कहा कि भारत का युवा आज अपने परिश्रम और इनोवेशन से पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन कर रहा है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
युवाओं पर देश निर्माण की जिम्मेदारी
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि अब इन नियुक्त हुए युवाओं की ज़िम्मेदारी है कि वे देश की आर्थिक व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और श्रमिकों के जीवन को बेहतर बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जब देश का युवा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाता है, तो देश तेज़ी से आगे बढ़ता है और वैश्विक स्तर पर एक मज़बूत पहचान बनाता है।
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बल…
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस साल के बजट में मैन्युफैक्चरिंग मिशन की घोषणा की गई है, जिसका मकसद ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देना है। इससे युवाओं को ग्लोबल स्टैंडर्ड वाले प्रोडक्ट्स बनाने का मौका मिलेगा। इससे न केवल देश की एमएसएमई (MSME) यूनिट्स को ताकत मिलेगी, बल्कि देशभर में नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
Addressing the Rozgar Mela. Best wishes to the newly inducted appointees. https://t.co/FkLhKcJoLN
— Narendra Modi (@narendramodi) April 26, 2025
युवाओं को मिलेगा क्रिएटिव प्लेटफॉर्म
पीएम मोदी ने बताया कि जल्द ही भारत में ‘वेव्स 2025’ (विश्व दृश्य-श्रव्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन) का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश के युवा क्रिएटर्स को पहली बार इस स्तर का मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज का समय भारत के युवाओं के लिए अभूतपूर्व अवसरों से भरा है और आईएमएफ भी मानता है कि भारत आने वाले समय में दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
बेटियों की उपलब्धियों पर गर्व
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने नारी शक्ति की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत की बेटियां आज नौकरशाही से लेकर अंतरिक्ष और विज्ञान तक हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। उन्होंने यूपीएससी परिणामों का उदाहरण देते हुए बताया कि टॉप दो स्थानों पर महिलाएं हैं और टॉप पांच में से तीन महिलाएं हैं। यह दिखाता है कि महिलाएं देश के हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं।
ग्रामीण महिलाओं को मिल रहा आर्थिक बल
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। बैंक सखी, कृषि सखी और स्वयं सहायता समूह जैसे कार्यक्रमों के जरिए महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने बताया कि देश में अब 90 लाख से ज़्यादा स्वयं सहायता समूह हैं, जिनसे 10 करोड़ से ज़्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं। सरकार ने इन समूहों के बजट को पाँच गुना बढ़ा दिया है और उन्हें 20 लाख रुपये तक का बिना गारंटी लोन देने की व्यवस्था की गई है।
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