नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साइप्रस यात्रा भारत-साइप्रस संबंधों के लिए ऐतिहासिक साबित हुई। करीब 20 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने साइप्रस की यात्रा की है। इस मौके पर साइप्रस सरकार ने पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस तृतीय’ से सम्मानित किया। सम्मान को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का है। यह भारत और साइप्रस की मजबूत मित्रता की मुहर है।” आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय
आपको बता दें कि साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडोलाइड्स के साथ साझा संवाद में पीएम मोदी ने इस दौरे को “द्विपक्षीय संबंधों में नया स्वर्णिम अध्याय” बताया। दोनों नेताओं के बीच विजन 2035 (साइप्रस) और विकसित भारत 2047 को लेकर साझा सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत हुई। पीएम मोदी ने बताया कि दोनों देशों की विकास रणनीतियों में कई समानताएं हैं और यह साझेदारी को भविष्य में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
आतंकवाद और सुरक्षा सहयोग
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने साइप्रस को धन्यवाद देते हुए कहा कि भारत की क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म के खिलाफ लड़ाई में साइप्रस का लगातार समर्थन रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच रियल टाइम में जानकारी के आदान-प्रदान के लिए मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा। आतंकवाद, ड्रग्स और अवैध हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए यह सहयोग और भी अहम रहेगा।
रणनीतिक साझेदारी और डिफेंस सहयोग
पीएम मोदी ने बताया कि आने वाले पांच वर्षों के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया जाएगा जो भारत-साइप्रस संबंधों को रणनीतिक दिशा देगा।
-रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूती दी जाएगी
-साइबर और समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) पर अलग से संवाद शुरू होगा
-डिफेंस इंडस्ट्री में सहयोग बढ़ाया जाएगा
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग
पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए साइप्रस के समर्थन का आभार जताया। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकनॉमिक कॉरिडोर क्षेत्र में शांति और समृद्धि लाने में सहायक होगा। उन्होंने यह भी कहा, “हम इस बात से सहमत हैं कि यह युद्ध का युग नहीं है और सभी विवादों का समाधान शांति से होना चाहिए।”
PM मोदी ने राष्ट्रपति को दिया भारत आने का न्योता
प्रधानमंत्री मोदी ने साइप्रस के राष्ट्रपति निकोलस क्रिस्टोडोलाइड्स को भारत आने का निमंत्रण भी दिया और इस पर राष्ट्रपति ने प्रसन्नता जताई। दोनों नेताओं ने भविष्य में और अधिक सहयोग और द्विपक्षीय यात्राओं पर सहमति व्यक्त की। इस यात्रा से स्पष्ट है कि भारत और साइप्रस अब सिर्फ मित्र देश नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदार बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह दौरा आर्थिक, रक्षा, सुरक्षा, और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलता है। पीएम मोदी का यह सम्मान न सिर्फ कूटनीतिक सफलता है, बल्कि भारत की वैश्विक स्वीकार्यता का भी प्रतीक है।

