नेशनल डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) में सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही थी। इसी बीच हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक बड़ा बयान दिया है। मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे पूरी तरह एनडीए के साथ हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे।
मांझी ने एक्स पर क्या लिखा?
अपने पोस्ट में जीतन राम मांझी ने कहा, “मैं अब पटना जा रहा हूं। वैसे, मैं आपको एक बात बता दूं, जो मैंने पहले भी कही है और आज फिर कह रहा हूं… मैं, जीतन राम मांझी, अपनी आखिरी सांस तक माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ खड़ा रहूंगा। बिहार में खुशहाली आएगी, नीतीश कुमार जी के साथ, मोदी जी की सरकार होगी।” इस बयान से यह साफ हो गया कि मांझी अब किसी भी तरह की नाराजगी में नहीं हैं और वे एनडीए गठबंधन में बने रहेंगे।
अभी मैं पटना निकल रहा हूँ…
वैसे एक बात बता दूँ मैंने पहले भी कहा था और आज फिर से कह रहा हूँ…
मैं जीतन राम मांझी अपने अंतिम साँस तक माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी के साथ रहूँगा।
“बिहार में बहार होगी,
नीतीश संग मोदी जी की सरकार होगी”— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) October 12, 2025
सीटों को लेकर चल रही थी नाराजगी
कुछ दिनों पहले खबरें आई थीं कि जीतन राम मांझी एनडीए के अंदर सीट बंटवारे को लेकर नाखुश थे। उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात भी की थी।
सूत्रों के मुताबिक, मांझी की पार्टी लगभग 15 सीटों की मांग कर रही थी और वे अपनी पार्टी को “सम्मानजनक” सीटें मिलने पर जोर दे रहे थे।
हालांकि मांझी ने तब कहा था, “हम मांग कर रहे हैं, दावा नहीं। बस चाहते हैं कि हमें सम्मानजनक सीटें मिलें, वरना पार्टी चुनाव नहीं लड़ेगी।” लेकिन आज के ट्वीट के बाद यह साफ हो गया कि मांझी की नाराजगी अब खत्म हो चुकी है।
सीटों के बंटवारे पर बनी सहमति
अब सूत्रों के मुताबिक, एनडीए में सीटों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है। जेडीयू (JDU) को करीब 103 सीटें मिल सकती हैं। भाजपा (BJP) लगभग 102 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान करीब 20–22 सीटें मांग रहे हैं। वहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को भी सम्मानजनक सीटें दी जाएंगी। औपचारिक घोषणा एनडीए के वरिष्ठ नेता उचित समय पर करेंगे।
क्या माइने हैं मांझी के इस बयान का…
मांझी के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि अब एनडीए में किसी तरह का बड़ा विवाद नहीं बचा है। उनकी पार्टी का गठबंधन में रहना भाजपा और जेडीयू दोनों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि मांझी दलित समाज के बड़े नेता माने जाते हैं। अब एनडीए बिहार चुनाव में एकजुट होकर उतरने की तैयारी में है।

