नई दिल्ली: विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दिल्ली स्थित आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर सिंदूर का पौधा लगाया। यह पौधा उन्हें 1971 के भारत-पाक युद्ध में बहादुरी दिखाने वाली 300 से ज्यादा महिलाओं के समूह ने भेंट किया था, जिन्होंने गुजरात के भुज में भारतीय वायुसेना की हवाई पट्टी के निर्माण में मदद की थी।
गुजरात दौरे में किए कई विकास कार्य
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में 26 मई को दो दिन के गुजरात दौरे की शुरुआत की थी। इस दौरान वे दाहोद, भुज और गांधीनगर गए और 82,950 करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया।
कच्छ के लोगों को दिया सम्मान
भुज में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कच्छ के वीर पुरुषों और वीरांगनाओं को सलाम किया। श्यामजी कृष्ण वर्मा जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि दी। आशापुरा माता को नमन किया और उनके आशीर्वाद के लिए आभार जताया।
1971 के युद्ध में साहस और पराक्रम की अद्भुत मिसाल पेश करने वाली कच्छ की वीरांगना माताओं-बहनों ने हाल ही में गुजरात के दौरे पर मुझे सिंदूर का पौधा भेंट किया था। विश्व पर्यावरण दिवस पर आज मुझे उस पौधे को नई दिल्ली के प्रधानमंत्री आवास में लगाने का सौभाग्य मिला है। यह पौधा हमारे देश… pic.twitter.com/GsHCCNBUVp
— Narendra Modi (@narendramodi) June 5, 2025
कच्छ से भावनात्मक जुड़ाव
प्रधानमंत्री ने कहा कि कच्छ की भूमि से उनका गहरा नाता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बनने से पहले भी वे कई बार कच्छ आए। यहां के लोगों और किसानों के हौसले और मेहनत ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया। नर्मदा नदी का पानी जब पहली बार कच्छ पहुंचा, वह पल उनके लिए बेहद खास था।
भूकंप के बाद फिर से खड़ा हुआ कच्छ
प्रधानमंत्री मोदी ने 2001 में आए भूकंप को भी याद किया, जिसने कच्छ को बुरी तरह प्रभावित किया था। उन्होंने कहा कि लोग उस समय कच्छ के भविष्य को लेकर चिंतित थे। लेकिन कच्छ की जनता के विश्वास और मेहनत ने क्षेत्र को फिर से खड़ा किया। आज कच्छ व्यापार, पर्यटन और विकास का एक बड़ा केंद्र बन चुका है। आने वाले समय में इसकी भूमिका और भी अहम होगी।
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