
नेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यह कहे जाने के बाद कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें रूस से तेल खरीदना बंद करने का आश्वासन दिया है, इस बयान को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि पीएम मोदी, ट्रंप से डरते हैं।
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राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप से “डरे हुए” हैं और भारत के अहम फैसले भी उन्हीं के हाथ में सौंप दिए हैं। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ”पीएम मोदी ट्रंप को यह कहने दे रहे हैं कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। बार-बार नकारने के बावजूद बधाई संदेश भेजते रहते हैं। वित्त मंत्री की अमेरिका यात्रा रद्द कर दी। शर्म अल-शेख सम्मेलन में नहीं गए। ऑपरेशन सिंदूर पर कोई खंडन नहीं किया।”
PM Modi is frightened of Trump.
1. Allows Trump to decide and announce that India will not buy Russian oil.
2. Keeps sending congratulatory messages despite repeated snubs.
3. Canceled the Finance Minister’s visit to America.
4. Skipped Sharm el-Sheikh.
5. Doesn’t contradict him…— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 16, 2025
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार अमेरिका को देश के रणनीतिक फैसले लेने दे रही है। उन्होंने कहा, “10 मई को सबसे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के रुकने की घोषणा की, फिर ट्रंप ने कई बार दावा किया कि उन्होंने भारत को ऐसा करने के लिए मजबूर किया। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी कुछ भी नहीं बोले।” जयराम रमेश ने ट्रंप के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारत की विदेश नीति को लेकर सार्वजनिक दावे किए हों, लेकिन हर बार मोदी सरकार खामोश रही है।
At 5:37 PM Indian Standard Time on May 10, 2025, the US Secretary of State Marco Rubio was the very first to announce that India has halted Operation Sindoor.
Subsequently, President Trump has claimed 51 times in 5 different countries that he had intervened to stop Operation… https://t.co/diXJdisj4C
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) October 16, 2025
डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था, “प्रधानमंत्री मोदी मेरे मित्र हैं। उन्होंने आज मुझे आश्वासन दिया कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। यह एक बड़ा कदम है। अब हमें चीन से भी ऐसा करवाना है।” ट्रंप ने रूस से भारत के तेल आयात की आलोचना करते हुए कहा कि इससे रूस को युद्ध जारी रखने में मदद मिलती है। उन्होंने दावा किया कि रूस इस युद्ध में अब तक डेढ़ लाख सैनिकों को खो चुका है।
इस बयान के बाद भारत की ओर से विदेश मंत्रालय ने जवाब दिया कि भारत की ऊर्जा नीतियां पूरी तरह से राष्ट्रीय हितों और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनती हैं। भारत ने यह साफ किया कि वह अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को अंतरराष्ट्रीय दबाव के बजाय अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों के अनुसार पूरा करता है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार, विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी, अमेरिका के दबाव में फैसले ले रहे हैं और देश की विदेश नीति को कमजोर कर रहे हैं।