इंटरनेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर वहां के राष्ट्रपति और जनता को शुभकामनाएं दीं और कहा कि भारत को गर्व है कि वह मालदीव का सबसे करीबी और भरोसेमंद मित्र है।
पीएम मोदी ने बताया कि इस साल भारत और मालदीव के राजनयिक संबंधों के भी 60 साल पूरे हो रहे हैं। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इन दोनों देशों के रिश्तों की जड़ें हजारों साल पुरानी हैं और यह रिश्ता “समुद्र जितना गहरा” है। उन्होंने कहा कि आज जारी किए गए स्मारक डाक टिकटों में दोनों देशों की पारंपरिक नौकाओं को दिखाया गया है, जो इस बात का प्रतीक हैं कि भारत और मालदीव सिर्फ पड़ोसी नहीं, बल्कि सह-यात्री भी हैं।
भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति में मालदीव की अहमियत
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी ‘पड़ोसी पहले’ नीति और ‘SAGAR’ यानी महासागर विजन का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसमें मालदीव की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने याद दिलाया कि जब कोविड महामारी आई थी या जब मालदीव को जरूरी सामानों की ज़रूरत थी, भारत हमेशा सबसे पहले मदद करने वाला देश रहा।
#WATCH | Malé, Maldives: PM Narendra Modi says, “In the sector of defence and security, mutual cooperation is the symbol of mutual trust. The building of Defence Ministry, which is being inaugurated today, is a trusted, concrete building. It is a symbol of our strong partnership.… pic.twitter.com/KObVWxFAF0
— ANI (@ANI) July 25, 2025
विकास और साझेदारी के नए अध्याय
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत और मालदीव के बीच विकास की कई प्रमुख परियोजनाएँ चल रही हैं, जैसे: 4000 सामाजिक आवास इकाइयां जो कई मालदीवी परिवारों को नया घर देंगी। ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट जो मालदीव को जोड़ने वाली सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है। अड्डू रोड विकास परियोजना और हनीमाधू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पुनर्विकास। नौका प्रणाली की शुरुआत जिससे द्वीपों के बीच की दूरी अब समय में मापी जाएगी, न कि GPS से।
5000 करोड़ की आर्थिक मदद
भारत ने मालदीव को 565 मिलियन डॉलर (लगभग 5000 करोड़ रुपये) की ऋण सहायता देने का भी निर्णय लिया है, जिससे वहां की आर्थिक और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री ने बताया कि एक द्विपक्षीय निवेश संधि पर काम चल रहा है। मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) पर बातचीत शुरू हो गई है। स्थानीय मुद्रा लेनदेन प्रणाली लागू की जाएगी जिससे भारतीय रुपये और मालदीव की मुद्रा रूफिया में सीधा व्यापार हो सकेगा। यूपीआई प्रणाली का उपयोग मालदीव में तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे टूरिज़्म और खुदरा व्यापार को फायदा होगा।
#WATCH | Malé, Maldives: PM Narendra Modi says, “As a new flight to our development partnership, we have decided to extend a Line of Credit of 565 million dollars, around Rs 5000 Crores, to Maldives…”
(Video: ANI/DD News) pic.twitter.com/2U1fytgZwQ
— ANI (@ANI) July 25, 2025
रक्षा-सुरक्षा और जलवायु पर सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग का ज़िक्र करते हुए कहा कि आज जिस रक्षा मंत्रालय भवन का उद्घाटन हुआ, वह दोनों देशों के भरोसे और भागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने बताया भारत मालदीव की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करता रहेगा। कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के जरिए क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को मज़बूती मिलेगी। जलवायु परिवर्तन एक साझा चुनौती है, और इसमें भारत अपने नवीकरणीय ऊर्जा के अनुभव मालदीव के साथ साझा करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-मालदीव संबंधों को भरोसे, विकास, समुद्री सुरक्षा और साझेदारी का उदाहरण बताते हुए कहा , “हमारे लिए हमेशा दोस्ती पहले है।”

