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पीएम मोदी 5 देशों की यात्रा पर जाएंगे, घाना-नामीबिया और त्रिनिदाद की संसदों को करेंगे संबोधित

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 जुलाई से पांच देशों की विदेश यात्रा पर रवाना होंगे। इस दौरे के दौरान वे ब्राजील, घाना, नामीबिया, त्रिनिदाद और टोबैगो, और अर्जेंटीना जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण बताया है क्योंकि इससे भारत के कई देशों के साथ रिश्ते और मजबूत होंगे।

घाना यात्रा: 30 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा
विदेश मंत्रालय के सचिव (ईआर) दम्मू रवि ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की घाना यात्रा 30 वर्षों के बाद हो रही है। वहां प्रधानमंत्री प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता करेंगे जिसमें भारत-घाना के बीच रिश्तों की समीक्षा और आगे सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।इसके अलावा प्रधानमंत्री घाना की संसद को भी संबोधित करेंगे और वहां मौजूद करीब 15,000 भारतीय मूल के लोगों से भी मिलेंगे।

नामीबिया यात्रा: 27 साल बाद ऐतिहासिक दौरा
9 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी नामीबिया जाएंगे। यह यात्रा भी 27 साल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। सचिव रवि ने बताया कि प्रधानमंत्री यहां प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता, आमने-सामने की बातचीत और संसद को संबोधन करेंगे। भारत और नामीबिया के रिश्ते लंबे समय से मजबूत रहे हैं और इस यात्रा से उनमें और गहराई आएगी।

त्रिनिदाद और टोबैगो: 180 साल पुराने रिश्तों की याद
विदेश मंत्रालय की सचिव (दक्षिण) नीना मल्होत्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो की यात्रा भी करेंगे। ये दौरा वहां की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर के निमंत्रण पर हो रहा है। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 1999 के बाद पहली द्विपक्षीय यात्रा है। खास बात यह है कि 2025 में त्रिनिदाद में भारतीय प्रवासियों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी वहां त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे, जो दोनों देशों के लोकतांत्रिक संबंधों और साझा विरासत का प्रतीक है। नीना मल्होत्रा ने बताया कि त्रिनिदाद की संसद में जो स्पीकर की कुर्सी है, वह भारत की ओर से उपहार में दी गई थी, जो दोनों देशों के लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं की मजबूत कड़ी को दर्शाता है।

ब्रिक्स सम्मेलन और अन्य बैठकें
प्रधानमंत्री मोदी इस यात्रा के दौरान ब्राजील में ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही वे अर्जेंटीना में नेताओं से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करेंगे। भारत के अफ्रीका, कैरेबियन और दक्षिण अमेरिकी देशों से रिश्तों को नई ऊंचाई देना। संसदीय और लोकतांत्रिक सहयोग को बढ़ाना। भारतीय समुदाय से जुड़ाव और वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका को मजबूती देना है।

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