नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (13 सिंतबर) को मणिपुर और मिजोरम का दौरा करेंगे। मणिपुर में उनका यह दौरा बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में पिछले दो साल से कुकी और मैतेई समुदायों के बीच तनाव और हिंसा बनी हुई है। इस हिंसा में अब तक 260 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है, और हज़ारों लोग बेघर हो चुके हैं। अब, पीएम मोदी के दौरे को राज्य में शांति, सामान्य हालात और विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के सचिव पुनीत कुमार गोयलस ने बताया कि यह दौरा राज्य के लिए सकारात्मक मोड़ ला सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर के चुराचंदपुर और इम्फाल में दो अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे, जिनमें वह चुराचंदपुर (कुकी बहुल इलाका) भी जाएंगे और वहां पर पीस ग्राउंड से लगभग 7,300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की नींव रखेंगे। इम्फाल (मैतेई बहुल इलाका) यहां प्रधानमंत्री 1,200 करोड़ रुपये की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, मोदी मिजोरम में भी जाएंगे, जहां वे बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन परियोजना का उद्घाटन करेंगे।
पीएम मोदी के मणिपुर दौरे को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी की है। इम्फाल और चुराचंदपुर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दोनों जगहों पर बड़े-बड़े पोस्टर और बिलबोर्ड लगाए गए हैं। लोगों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ये चीजें लेकर कार्यक्रम में न आएं, जैसे चाबियां, पेन, पानी की बोतल, बैग, रुमाल, छाता और लाइटर / माचिस। इसके अलावा, 12 साल से कम उम्र के बच्चों और बीमार व्यक्तियों को कार्यक्रम स्थलों पर न लाने की सलाह दी गई है। चुराचंदपुर जिले में पहले से ही एयर गन पर रोक लगाई जा चुकी है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी के इस दौरे का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “मणिपुर की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। अच्छा है कि प्रधानमंत्री अब जा रहे हैं।” लेकिन कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस दौरे की अवधि और मकसद पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर दौरा सिर्फ 3 घंटे का है, तो यह मणिपुर के लोगों का अपमान है। उनके अनुसार, यह दिखाता है कि प्रधानमंत्री को मणिपुर की समस्याओं को लेकर कोई खास संवेदनशीलता नहीं है।
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