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Operation Sindoor : शहीद जवानों की पत्नियों के लिए प्रीति जिंटा ने बढ़ाया मदद का हाथ, जीता हर भारतीय का दिल

नेशनल डेस्क : ऑपरेशन सिंदूर को 22 अप्रैल को शुरू किया गया था, जब पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने पहलगाम में एक आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा दी। इसके साथ ही भारत ने आर्थिक रूप से कमजोर भी कर दिया है। वहीं अब बॉलीवुड एक्ट्रेस और आईपीएल टीम पंजाब किंग्स की को-ओनर प्रीति जिंटा ने भारतीय सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान के तहत आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) को ₹1 करोड़ का दान दिया। उनका यह योगदान खासतौर पर भारत के ऑपरेशन सिंदूर के लॉन्च के कुछ दिन बाद आया है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

प्रीति जिंटा का इंस्टाग्राम पोस्ट…

दरअसल, प्रीति जिंटा ने रविवार (25 मई) को अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह सेना के परिवारों से बात करती नजर आ रही हैं। इस वीडियो में उन्होंने भारतीय सेना और उनके परिवारों की बहादुरी और बलिदान की सराहना की। प्रीति ने कहा, “हमारी भारतीय सेना केवल पराक्रमी नहीं है, बल्कि बहुत बहादुर भी है, लेकिन उससे भी ज्यादा बहादुर और पराक्रमी उनके परिवार वाले हैं। यह तो हमारे लिए एक बहुत छोटी सी भेंट है।”

इमोशनल पोस्ट में प्रीति जिंटा …

वीडियो के साथ, प्रीति जिंटा ने एक लंबा कैप्शन भी पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कार्यक्रम में बिताए गए इमोशनल पलों के बारे में बताया। प्रीति ने दक्षिण पश्चिमी कमान के सभागार में अपनी यात्रा के बारे में लिखा और बताया कि सेना के परिवारों की कहानियों और उनके बलिदानों से वह गहरे प्रभावित हुईं।

सैनिकों के साहस को देखकर भावुक हुईं प्रीति

प्रीति ने अपने पोस्ट में लिखा, “जब मैं भारतीय सेना के दक्षिण पश्चिमी कमान के सभागार की ओर जा रही थी, तो मैंने उन सेना के अधिकारियों और जवानों के पोस्टर देखे, जिन्होंने अलग-अलग बहादुरी पुरस्कार जीते थे। कुछ ने देश के लिए अपनी जान दी, जबकि कुछ युद्ध के मैदान से जख्मों के साथ वापस आए। ये लोग हमारे सशस्त्र बलों का हिस्सा हैं और उन्होंने हमारे कल के लिए अपना आज कुर्बान कर दिया।”

वीर महिलाओं और उनके परिवारों से मुलाकात

प्रीति जिंटा ने बताया कि कार्यक्रम में वह उन महिलाओं से मिलीं, जिनके पति, बेटे या पिता भारतीय सेना में तैनात हैं। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं की मुस्कान देखकर उन्हें समझ में आया कि वह अपने परिवार के सदस्यों को हर दिन और हर पल याद करती हैं। प्रीति ने आगे लिखा, “वहां कोई शिकायत नहीं थी, कोई आंसू नहीं थे – सिर्फ गर्व, शक्ति और बलिदान था।”

बहादुरी और विनम्रता का अनुभव

प्रीति जिंटा ने इस कार्यक्रम के दौरान वहां की बहादुरी को महसूस किया और कहा, “वहां मौजूद सभी परिवारों में इतनी बहादुरी थी कि मैं शब्दों से परे विनम्र हो गई। इन वीर नारियों और उनके परिवारों के साथ मंच साझा करना मेरे लिए वास्तव में सम्मान की बात थी।” इस तरह, प्रीति जिंटा ने भारतीय सेना और उनके परिवारों के प्रति अपना आभार और सम्मान व्यक्त किया। उनका यह दान और भाषण भारतीय सेना के बलिदानों को याद करने और उनकी बहादुरी को सम्मान देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

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