नेशनल डेस्क: भारत पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण पर नजर रखने वाली संस्था FATF (वित्तीय कार्रवाई कार्य बल) की ग्रे सूची में डालने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत ने FATF को पाकिस्तान की आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों के बारे में जानकारी दी है।
भारत बना विस्तृत डोजियर भेजने की योजना
भारत अब FATF को एक विस्तृत डोजियर भेजने की योजना बना रहा है, जिसमें पाकिस्तान में आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कुछ व्यक्तियों और संस्थाओं के बारे में सबूत और चिंताएं शामिल होंगी। भारत का उद्देश्य FATF से पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करना है। सूत्रों ने यह भी बताया कि FATF की आगामी बैठक जून में होने वाली है, जिसमें भारतीय अधिकारी इस मुद्दे को उठाएंगे और पाकिस्तान की गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
पाकिस्तान को आखिरी बार अक्टूबर 2022 में FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर किया गया था, लेकिन FATF ने यह शर्त रखी थी कि पाकिस्तान को अपने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद वित्तपोषण से जुड़ी प्रणाली को सुधारने के लिए एशिया पैसिफिक ग्रुप (APG) के साथ मिलकर काम करना होगा।
2008 में FATF की ग्रे लिस्ट में डाला था पाकिस्तान
पाकिस्तान को पहली बार 2008 में FATF की ग्रे लिस्ट में डाला गया था और बाद में इसे 2012 से 2015 तक फिर से निगरानी में रखा गया था। पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय ऋण की सुविधा भी ग्रे लिस्ट में होने से प्रभाव डालती है। पाकिस्तान को 2018 में FATF की ग्रे लिस्ट में फिर से डाला गया था क्योंकि उसे आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ की गई कार्यवाही में कई खामियां मिली थीं।
इसके बाद पाकिस्तान को एक कार्य योजना लागू करने का निर्देश दिया गया था, जिसमें आतंकवाद से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई की बात की गई थी। हालांकि, पाकिस्तान कुछ प्रमुख बिंदुओं पर पूरी तरह से सफल नहीं हो सका और 2021 में उसे फिर से ग्रे लिस्ट में डाल दिया गया।

