नेशनल डेस्क : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 6 अप्रैल 2025 को चार दिन के विदेश दौरे पर रवाना हो गई हैं। इस यात्रा के दौरान, पहले दो दिन वे पुर्तगाल में रहेंगी और इसके बाद 9-10 अप्रैल को स्लोवाकिया में आधिकारिक अतिथि के रूप में रहेंगी। यह यात्रा विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह भारत और पुर्तगाल के कूटनीतिक संबंधों के 50 साल पूरे होने के अवसर पर हो रही है। इससे पहले 1998 में भारत के राष्ट्रपति के आर नारायणन ने पुर्तगाल का दौरा किया था, और अब लगभग 27 साल बाद भारत का राष्ट्रपति पुर्तगाल का दौरा कर रहा है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
पुर्तगाल में राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा…
आपको बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पुर्तगाल दौरा पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूसा के निमंत्रण पर हो रहा है। इस दौरान, वे उच्च प्रतिनिधि मंडल स्तर की बैठक करेंगी और पुर्तगाल के प्रधानमंत्री और संसद के अध्यक्ष से भी मुलाकात करेंगी। भारतीय विदेश मंत्रालय के पश्चिमी डेस्क के अधिकारी सचिन तन्मय लाल ने बताया कि भारत और पुर्तगाल के संबंध ऐतिहासिक और पुराने हैं, और इन दोनों देशों का आपसी सहयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में है। इस यात्रा से इन संबंधों को और अधिक मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा, राष्ट्रपति मुर्मू पुर्तगाल में रह रहे आप्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात करेंगी।
#WATCH दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुर्तगाल और स्लोवाकिया की 4 दिवसीय यात्रा पर रवाना हुईं। pic.twitter.com/596ReCOoZg
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 6, 2025
स्लोवाकिया यात्रा…
इसके बाद, द्रौपदी मुर्मू 9 अप्रैल को स्लोवाकिया जाएंगी, जहां वे स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रीनी और प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। इसके अलावा, वे स्लोवाकिया की नेशनल काउंसिल के स्पीकर से भी मुलाकात करेंगी। सचिन तन्मय लाल ने यह भी बताया कि भारत और स्लोवाकिया दोनों यूरोपीय संघ (EU) के सदस्य देश हैं। हाल ही में, यूरोपीय संघ का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर आया था। भारत और यूरोपीय संघ के देशों के बीच सामूहिक रूप से कई महत्वपूर्ण समझौते किए गए हैं, और अब व्यक्तिगत स्तर पर भी यूरोपीय संघ के सदस्य देश भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों में विस्तार कर रहे हैं।

