Punjab Brick Kilns Closed: चंडीगढ़: पंजाब में घर बनाने की योजना बना रहे लोगों को इस बार बड़ा झटका लग सकता है। राज्य में इस साल ईंट भट्ठों को सामान्य समय से अधिक, पूरे सात महीने के लिए बंद रखने का फैसला लिया गया है। इसका सीधा असर ईंटों की आपूर्ति पर पड़ा है, जिससे कीमतों में अचानक उछाल देखा गया है। बीते पंद्रह दिनों में ही ईंटों के दामों में ₹500 से ₹800 प्रति हज़ार ईंट तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
-बरसात और व्यापारिक संकट बना कारण
हर साल मानसून के चलते जून से सितंबर तक ईंट भट्टों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाता है। लेकिन इस बार भट्ठा मालिकों ने आर्थिक घाटे और सरकारी नीतियों की असमर्थता के कारण इन्हें दिसंबर तक बंद रखने का निर्णय लिया है। यह पहला मौका है जब ईंट भट्टे इतनी लंबी अवधि के लिए ठप रहेंगे। जनवरी 2026 से ही उत्पादन दोबारा शुरू होने की संभावना है।
-मालिक बोले: सरकारी नीतियों ने बिगाड़ी स्थिति
ईंट भट्ठा यूनियन के वरिष्ठ सदस्य बलजिंदर सोनी पिंकी ने जानकारी दी कि खनन नीति में बदलाव, जीएसटी दरों में बढ़ोतरी, और श्रम संबंधी सख्त नियमों के कारण भट्ठा मालिकों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मजबूरी में लिया गया है ताकि भारी नुकसान से उबरने का मौका मिल सके।
-सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पंजाब पर नहीं असर
कुछ लोगों द्वारा यह भ्रम फैलाया गया कि एनजीटी के तहत सुप्रीम कोर्ट ने 30 जून तक भट्ठे चालू रखने की इजाजत दी है। लेकिन भट्ठा यूनियन का कहना है कि ये आदेश केवल राजस्थान राज्य पर लागू हुए हैं। पंजाब सरकार की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट अधिसूचना अब तक जारी नहीं की गई है।
-निर्माण सामग्री महंगी, रियल एस्टेट पर भी असर
भट्ठों के लंबे समय तक बंद रहने के चलते ईंटों की मांग तो बनी रहेगी, लेकिन आपूर्ति में भारी कमी आएगी। इसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के घर निर्माण पर पड़ेगा। साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर भी इस झटके से अछूता नहीं रहेगा।

