
नेशनल डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ को “घुसपैठिया बचाओ यात्रा” करार दिया। शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह विकास के मुद्दों की अनदेखी कर बांग्लादेश से आए अवैध घुसपैठियों का समर्थन कर रही है।
रोहतास में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए अमित शाह ने कहा, “राहुल गांधी ने जो यात्रा शुरू की, उसका उद्देश्य वोट चोरी नहीं था। उनका लक्ष्य अच्छे शिक्षा, रोजगार, बिजली और सड़कें नहीं थी। उनका वास्तविक उद्देश्य बांग्लादेश से आए घुसपैठियों को बचाना था। क्या आपमें से किसी ने अपना वोट खोया है? यही राहुल गांधी की ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ थी।”
शाह ने कांग्रेस की यात्रा की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “क्या घुसपैठियों को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए? क्या घुसपैठियों को मुफ़्त राशन, नौकरी, घर, और इलाज मिलना चाहिए? हमारे युवाओं की बजाय ये लोग घुसपैठियों को नौकरी दे रहे हैं।”
#WATCH | Rohtas, Bihar | Interacting with BJP workers, Union Home Minister Amit Shah says, “They (Congress) spread a false narrative every time. Rahul Gandhi did a Yatra… The topic of his yatra was not vote theft. The topic was not good education, employment, electricity,… pic.twitter.com/JyihP2Y1nF
— ANI (@ANI) September 18, 2025
अमित शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे कांग्रेस के सत्ता में आने पर घुसपैठियों के मुद्दे पर लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा, “अगर गलती से भी कांग्रेस की सरकार बन गई, तो बिहार के हर जिले में केवल घुसपैठिए होंगे। हमारी जिम्मेदारी है कि हम हर घर जाएं और उन्हें यह बताएं।” यह बयान बिहार में विधानसभा चुनावों के करीब आते हुए भाजपा और कांग्रेस के बढ़ते राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा है, जहां दोनों पार्टियां चुनावी अभियान तेज़ कर रही हैं।

इससे पहले, राहुल गांधी ने कर्नाटक के कलबुर्गी ज़िले के आलंद विधानसभा क्षेत्र में चुनावी धोखाधड़ी की जाँच में भारतीय चुनाव आयोग की कथित “अवसरहीनता” पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक अपराध जाँच विभाग (सीआईडी) ने फरवरी 2023 में जांच शुरू की थी, लेकिन चुनाव आयोग ने सीआईडी द्वारा भेजे गए पत्रों का कोई जवाब नहीं दिया, जिससे जांच रुक गई। राहुल गांधी ने इसे “वोट चोरों” को संरक्षण देने का एक उदाहरण बताया और चुनाव आयोग से एक सप्ताह के भीतर आवश्यक आंकड़े जारी करने की मांग की।
राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों ने बार-बार आरोप लगाया है कि भारतीय चुनाव आयोग, भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के साथ मिलकर विभिन्न चुनावों में मतदाता सूची से फर्जी वोटों को जोड़ने और हटाने में शामिल है।
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