नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के सामान पर 50% टैरिफ लगाया है, तो भारत को जवाब में अमेरिकी वस्तुओं पर 100% टैरिफ लगाना चाहिए। केजरीवाल ने मोदी पर आरोप लगाया कि वह ट्रंप के दबाव में झुक रहे हैं। उन्होंने कहा, ”ट्रंप कायर हैं। वे उन देशों के सामने झुक गए जो डटकर उनका सामना कर रहे हैं। लेकिन मोदी जी चुप हैं, क्यों?”
आज हमारा देश दो तरफ़ से मार खा रहा है।
एक तरफ़ ट्रंप ने 50% टैरिफ लगाकर हमारी इंडस्ट्री को खत्म करने की साज़िश की और दूसरी तरफ़ मोदी जी ने अमेरिका के सामने झुकते हुए अमेरिका के माल पर टैरिफ ही हटा दिया।
अब भारत का किसान और व्यापारी दोनों बर्बाद होंगे।
ट्रंप ने 50% लगाया था… pic.twitter.com/8gZ9xaNy75
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 28, 2025
केजरीवाल ने अमेरिकी कपास पर 11% आयात शुल्क हटाने के केंद्र सरकार के फैसले को किसानों के साथ धोखा बताया। सरकार ने 19 अगस्त से 30 सितंबर तक यह शुल्क हटाया था। अब वित्त मंत्रालय ने इसे 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि यह कदम कपड़ा उद्योग को कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
लेकिन केजरीवाल का आरोप है कि अमेरिकी कपास अब भारतीय कपास से 15–20 रुपये प्रति किलो सस्ता हो गया है, जिससे घरेलू किसान बुरी तरह प्रभावित होंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ”आज 90–95% किसानों को पता ही नहीं कि उनके साथ क्या हुआ है। जब यह सामने आएगा, तो किसानों के पास आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।”
पिछले दिनों मोदी जी ने चोरी-छिपे एक बड़ा फैसला लिया है … जो हमारे किसानों के साथ धोखा है।
ट्रंप के दबाव में अमेरिका से आने वाली कपास पर 11% इंपोर्ट ड्यूटी हटा दी गई है।
अब जब तक भारत के किसानों की कपास मंडी में पहुँचेगी, तब तक व्यापारी अमेरिका की सस्ती कपास खरीद लेंगे। नतीजा…… pic.twitter.com/CMVzeOAx5h
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 28, 2025
अमेरिका से आने वाले कपास पर 11% आयात शुल्क तुरंत बहाल किया जाए। अमेरिकी वस्तुओं पर 100% टैरिफ लगाया जाए। मोदी सरकार किसानों को बचाने के लिए अमेरिका के दबाव में लिए फैसले वापस ले।