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लेटरल एंट्री को लेकर राहुल गांधी ने फिर बोला सरकार पर हमला, कहा- यह दलितों, ओबीसी और आदिवासियों पर हमला है

नई दिल्ली। विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शीर्ष सरकारी पदों पर व्यक्तियों के लैटरल एंट्री को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह दलितों, ओबीसी और आदिवासियों पर हमला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने लिखा, “लैटरल एंट्री दलितों, ओबीसी और आदिवासियों पर हमला है। भाजपा का रामराज्य का विकृत संस्करण संविधान को नष्ट करना और बहुजनों से आरक्षण छीनना चाहता है।” कांग्रेस के एक अन्य नेता प्रमोद तिवारी ने इसकी निंदा की और इसे देश की आरक्षण नीति के खिलाफ बताया। प्रमोद तिवारी ने कहा, “यह सरकार आरक्षण के बिल्कुल खिलाफ है। यूपीए सरकार ने जो सिफारिश की थी, वह बिल्कुल यही नहीं थी कि आप लैटरल एंट्री के जरिए इतने लोगों को नियुक्त करें। मैं इसकी कड़ी निंदा करना चाहता हूं। यह देश की प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ है। यह देश की आरक्षण नीति के भी खिलाफ है।” इस बीच, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र की आलोचना करते हुए इस कदम को देश के खिलाफ एक “बड़ी साजिश” बताया।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि लेटरल एंट्री पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) से आरक्षण और अधिकार छीनने की योजना है। “अब समय आ गया है कि यूपीएससी में पिछले दरवाजे से अपने वैचारिक सहयोगियों को उच्च सरकारी पदों पर बिठाने की भाजपा की साजिश के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाए। यह तरीका आज के अधिकारियों के साथ-साथ युवाओं के लिए वर्तमान और भविष्य में उच्च पदों पर पहुंचने के दरवाजे बंद कर देगा। आम लोग क्लर्क और चपरासी के पदों तक सीमित हो जाएंगे। दरअसल, पूरी योजना पीडीए से आरक्षण और अधिकार छीनने की है,” सपा प्रमुख ने एक्स पर पोस्ट किया।

यूपीएससी ने हाल ही में लेटरल एंट्री के जरिए संयुक्त सचिव, निदेशक और उप सचिवों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस फैसले की विपक्षी दलों ने आलोचना की है, जिनका दावा है कि यह ओबीसी, एससी और एसटी के आरक्षण अधिकारों को कमजोर करता है।

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी रविवार को शीर्ष सरकारी पदों पर व्यक्तियों के पार्श्व प्रवेश पर चिंता व्यक्त की, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पारंपरिक संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) मार्ग का अनुसरण करने के बजाय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के माध्यम से लोक सेवकों की नियुक्ति कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “नरेंद्र मोदी संघ लोक सेवा आयोग के बजाय ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ के माध्यम से लोक सेवकों की भर्ती करके संविधान पर हमला कर रहे हैं।” राहुल गांधी ने एक्स पर कहा, “केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पदों पर पार्श्व प्रवेश के माध्यम से भर्ती करके एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों का आरक्षण खुलेआम छीना जा रहा है।”

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