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BJP- नीतीश ने बिहार को क्राइम कैपिटल बना दिया… गोपाल खेमका हत्‍याकांड पर बोले राहुल गांधी

Government avoiding discussion Parliament West Asia crisis

Government avoiding discussion Parliament West Asia crisis

नेशनल डेस्क : बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। सभी दल चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं। वहीं बीते दिन शनिवार को बिहार के एक प्रसिद्ध व्यवसायी गोपाल खेमका की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई है। जिससे पूरे बिहार में सन्नाटा और दहशत फैल चुका है। अपराधियों ने इस वारदात को पटना के व्यस्त इलाके गांधी मैदान थाना क्षेत्र में दिया है। हालांकि, गोलीबारी के बाद अपराधी फरार हो गए और अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। वहीं अब इस वारदात के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीजेपी और नीतीश सरकार पर हमला बोला है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

राहुल गांधी का नीतीश सरकार पर हमला

आपको बता दें कि इस हत्या को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीतीश कुमार और भाजपा की गठबंधन सरकार पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर लिखा।“बिहार में व्यवसायी गोपाल खेमका की सरेआम गोली मारकर हत्या ने एक बार फिर साबित कर दिया है – भाजपा और नीतीश कुमार ने मिलकर बिहार को ‘भारत की क्राइम कैपिटल’ बना दिया है।” राहुल गांधी ने आगे कहा कि बिहार में अब अपराध नया नॉर्मल बन चुका है, और सरकार पूरी तरह विफल है। उन्होंने जनता से अपील की कि अब वक्त आ गया है कि इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई जाए।


“अब बदलाव जरूरी”… राहुल गांधी 

अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने बिहार की जनता से बदलाव की अपील करते हुए लिखा: “हर हत्या, हर लूट, हर गोली – एक चीख है बदलाव की। अब वक्त है एक नए बिहार का – जहाँ डर नहीं, तरक्की हो। इस बार वोट सिर्फ सरकार बदलने का नहीं, बिहार को बचाने का है।” राहुल गांधी के इस बयान को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सियासी माहौल बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

जांच के लिए बनी SIT, व्यापारी वर्ग में आक्रोश

आपको बता दें कि इस सनसनीखेज वारदात के बाद बिहार पुलिस ने SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया है, जो इस हत्या की तेजी से जांच कर रही है। हालांकि अभी तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है। उद्योगपति खेमका की हत्या ने बिहार के व्यापारी वर्ग को झकझोर दिया है। व्यापारियों ने इसे लॉ एंड ऑर्डर की पूरी तरह नाकामी करार दिया है और प्रदेश सरकार से सुरक्षा की गारंटी की मांग की है।

क्या कहती है स्थानीय स्थिति?

घटना स्थल गांधी मैदान थाना क्षेत्र पटना का प्रमुख और सुरक्षित माना जाने वाला इलाका है। बावजूद इसके इस तरह की वारदात का होना प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। घटना के वक्त काफी चहल-पहल थी, फिर भी अपराधी आसानी से फरार हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में सीसीटीवी कैमरे हैं, लेकिन अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में देरी पुलिस की लापरवाही को दर्शाती है।

राजनीति बनाम न्याय की लड़ाई

अब इस घटना ने बिहार में कानून व्यवस्था और राजनीतिक जवाबदेही पर बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर विपक्ष इसे सरकार की नाकामी बता रहा है, वहीं सरकार जांच और गिरफ्तारी का भरोसा दे रही है। यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार इस मामले में सख्त और तेज़ कार्रवाई कर विश्वास बहाल कर पाएगी, या यह घटना भी सिर्फ सियासी आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह जाएगी।

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