नेशनल डेस्क: भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने शुक्रवार को विपक्षी नेता राहुल गांधी द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के विमानों के बारे में की गई टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को “लापरवाही भरा” और “सशस्त्र बलों के मनोबल को नुकसान पहुंचाने वाला” बताया।
गौरव भाटिया ने राहुल गांधी को घेरा
गौरव भाटिया ने एक प्रेस वार्ता में कहा, “जब ऑपरेशन सिंदूर चल रहा था, राहुल गांधी ऐसे लापरवाह बयान दे रहे थे। वह यह सवाल कर रहे हैं कि कितने भारतीय वायुसेना के विमान गिरे हैं। 11 मई को एयर मार्शल भारती ने कहा था कि ‘हम युद्ध की स्थिति में हैं, इसलिए इस सवाल का जवाब देना समझदारी नहीं है’। राहुल गांधी पाकिस्तान के साथ मिलकर भारतीय सेना और सशस्त्र बलों का मनोबल गिराने में लगे हुए हैं।
‘निशान ए पाकिस्तान’ के रूप में क्या बयान दे रहे
उन्होंने आगे कहा, “राहुल गांधी पाकिस्तान के लिए काम कर रहे हैं। इस दौरान पाकिस्तान की नेता मरियम नवाज ने भी बयान दिया कि 6 और 7 मई की रात और 9 मई को भारत के हमले के कारण पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ। ऐसे समय में राहुल गांधी ‘निशान ए पाकिस्तान’ के रूप में क्या बयान दे रहे हैं?”
भारतीय वायुसेना के कितने विमान गिरे: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर आरोप लगाया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के कितने विमान गिरे, इस बारे में वह चुप हैं। राहुल गांधी ने कहा, “देश को सच्चाई जानने का हक है। विदेश मंत्री की चुप्पी सिर्फ बयानबाजी नहीं, यह निंदनीय है। मैं फिर से सवाल पूछता हूं- पाकिस्तान को हमले के बारे में पहले से सूचित करना अपराध था, और इस कारण कितने भारतीय विमान खो दिए?”
यह एक गंभीर गलती थी, किसने अनुमति दी?
राहुल गांधी ने 17 मई को एक वीडियो भी शेयर किया था, जिसमें जयशंकर ने कहा था कि “हमने पाकिस्तान को ऑपरेशन की शुरुआत में सूचित किया था कि हम बुनियादी ढांचे पर हमला कर रहे हैं, न कि सेना पर। यह पाकिस्तान का निर्णय था कि उसने हमारी सलाह न मानी और हमारी सेना को लक्ष्य बनाया।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह एक गंभीर गलती थी, और इसे किसने अनुमति दी?