नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को गुजरात में अज्ञात राजनीतिक दलों को मिले कथित 4,300 करोड़ रुपये के चंदे पर गंभीर सवाल उठाए। एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से यह दावा किया गया था कि गुजरात में दस अज्ञात राजनीतिक दलों को 4,300 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जबकि उन्होंने केवल 39 लाख रुपये खर्च करने की घोषणा की।
राहुल गांधी ने इस मामले पर अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा, “गुजरात में कुछ अनाम पार्टियाँ हैं जिनके नाम किसी ने नहीं सुने हैं लेकिन उन्हें ₹4,300 करोड़ का चंदा मिला!” राहुल ने अपने पोस्ट में #VoteChori (वोट चोरी) हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए यह सवाल पूछा, “ये हज़ारों करोड़ कहाँ से आए? इन्हें कौन चला रहा है? और पैसा कहाँ गया? क्या चुनाव आयोग इस मामले की जांच करेगा या फिर पहले की तरह सिर्फ हलफनामे मांगेगा? या फिर चुनाव आयोग क़ानून ही बदल देगा ताकि यह आँकड़ा छिपाया जा सके?”

तेजस्वी यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा
इस बीच, राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर निशाना साधते हुए कहा कि एनडीए आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में बहुमत हासिल करने में विफल रहेगा। तेजस्वी यादव ने कहा, “एनडीए का पूरा नाम ‘नहीं देंगे अधिकार’ है… लोग हमारा समर्थन कर रहे हैं। जिस तरह से ‘वोट चोरी’ हो रही है, जनता जागरूक है और अपने वोटों की रक्षा करेगी। भाजपा-एनडीए आगामी चुनावों में विफल होगी।”
मतदाता अधिकार यात्रा की शुरुआत
इस मुद्दे को लेकर विपक्षी नेता ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ निकाल रहे हैं। आज यात्रा दरभंगा से शुरू होकर मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी होते हुए आगे बढ़ेगी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी इस यात्रा में शामिल होंगे। इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बिहार के सुपौल जिले में ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की। प्रियंका गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) पर देशभर में वोट चुराने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक संकट जैसे मुद्दों पर विफल रही है और अब वह वोटों की चोरी करने की कोशिश कर रही है।
‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची में अनियमितताएं
कांग्रेस और राजद का कहना है कि बिहार में मतदाता सूची में अनियमितताएँ हैं, जिन्हें “वोट चोरी” की साजिश के रूप में देखा जा रहा है। यह 16 दिवसीय यात्रा 1,300 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर 1 सितंबर को पटना में समाप्त होगी। यात्रा का उद्देश्य मतदाता सूची में सुधार और जागरूकता बढ़ाना है। इस यात्रा का आयोजन बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हो रहा है, जो इस साल के अंत में होने की संभावना है। हालांकि, चुनाव आयोग ने अभी तक चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की है।