Site icon Dainik Savera Times

Bharat Bandh 2025 : पटना पहुंचे राहुल गांधी… तेजस्वी यादव के साथ EC दफ्तर तक करेंगे मार्च

नेशनल डेस्क : आज पूरे देश में भारत बंद का आयोजन किया गया है, जिसकी घोषणा देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साझा मंच ने की है। इस बंद का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की आर्थिक और श्रम नीतियों के विरोध में आवाज उठाना है। ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है और श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। यही वजह है कि इस बंद को किसान संगठनों और ग्रामीण श्रमिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। हालांकि, सभी की नजर बिहार पर टिकी है। इसी बीच बिहार बंद के समर्थन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल होने के लिए बिहार पहुंच चुके हैं। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पहली बार पटना की सड़कों पर एक साथ दिखेंगे। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

राहुल गांधी का बिहार में तीसरा दौरा

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और RJD नेता तेजस्वी यादव राज्य विधानसभा चुनाव 2025 से पहले बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (S.I.R) के खिलाफ महागठबंधन द्वारा बुलाए गए ‘बिहार बंद’ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पटना पहुंचे हैं। इस साल राहुल गांधी बिहार का यह तीसरा दौरा कर रहे हैं। वे आज राजद नेता तेजस्वी यादव के साथ EC दफ्तर तक मार्च करेंगे। इस दौरे में वह सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उनका मकसद है कि जनता की समस्याओं को उजागर किया जाए और सरकार पर दबाव डाला जाए। बता दें कि इससे पहले राहुल गांधी ने 7 अप्रैल को बिहार के बेगूसराय ज़िले में “पलायन रोको, नौकरी दो” नाम की पदयात्रा में हिस्सा लिया था। इस पदयात्रा का उद्देश्य बिहार से युवाओं के पलायन और बेरोज़गारी की समस्या को सामने लाना था

किन क्षेत्रों पर पड़ेगा बंद का असर

आपको बता दें कि लगभग 25 करोड़ सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारी इस हड़ताल में भाग लेने जा रहे हैं, जिससे देश के कई जरूरी क्षेत्रों पर असर पड़ने की संभावना है। भारत बंद का असर मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्रों और जरूरी सेवाओं पर देखने को मिलेगा। बैंकिंग और बीमा सेवाएं इस बंद से प्रभावित हो सकती हैं, जिससे लेनदेन में दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा डाक सेवाओं का संचालन, कोयला खनन जैसे क्षेत्र, बिजली आपूर्ति, और परिवहन व्यवस्था भी बंद से प्रभावित हो सकती हैं। खासकर सरकारी बस सेवाएं और ट्रेनों की आवाजाही में भी रुकावट आने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और निजी दफ्तर आम दिनों की तरह खुले रह सकते हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर आंशिक असर जरूर देखने को मिल सकता है।

बिहार में बंद का खास असर

दरअसल, भारत बंद को लेकर सबसे अधिक राजनीतिक हलचल बिहार में देखने को मिल रही है। यहां बंद को विपक्षी दलों और महागठबंधन का जोरदार समर्थन प्राप्त है। खास बात यह है कि आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी पटना पहुंच रहे हैं और वे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव के साथ इस बंद में भाग लेंगे। इसके अलावा, महागठबंधन ने बिहार में पूरी तरह से बंद का एलान किया है और चक्का जाम की चेतावनी भी दी गई है। चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे वोटर वेरिफिकेशन अभियान (SIR) को लेकर भी नाराजगी जताई गई है और यही इस बंद का एक और प्रमुख कारण है।

कौन-कौन से संगठन हैं शामिल

इस भारत बंद में कई प्रमुख श्रमिक संगठनों ने भागीदारी की घोषणा की है। इनमें अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC), भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC), भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (CITU), हिंद मजदूर सभा (HMS), स्वरोजगार महिला एसोसिएशन (SEWA), लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (LPF), और यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (UTUC) शामिल हैं। ये सभी संगठन मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, न्यूनतम मजदूरी, ठेका प्रथा खत्म करने, और सामाजिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

Exit mobile version