नेशनल डेस्क: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार द्वारा जाति जनगणना कराने के फैसले की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित तेलंगाना में जो जाति सर्वेक्षण किया गया था, वह एक अच्छा उदाहरण बन सकता है और कांग्रेस पार्टी सरकार का समर्थन करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने सरकार से यह सवाल किया कि जाति जनगणना कब तक कराई जाएगी और इसकी समयसीमा क्या होगी।
राहुल गांधी ने बुधवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने पहले ही संसद में कहा था कि हम जाति जनगणना कराएंगे। साथ ही, हमने यह भी कहा था कि 50 फीसदी आरक्षण की सीमा को खत्म किया जाएगा, क्योंकि यह एक कृत्रिम दीवार जैसी है।” उन्होंने यह भी कहा, “नरेंद्र मोदी जी पहले कहते थे कि देश में केवल चार जातियां होती हैं, लेकिन 11 साल बाद अचानक जाति जनगणना कराने का फैसला लिया गया है। हम इसका पूरा समर्थन करते हैं, लेकिन हम जानना चाहते हैं कि यह कब तक होगा।”
#WATCH | Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “We had said in the Parliament that we will make Caste Census happen. We had also said that we would scrap the 50% cap, the artificial wall that is in place. Narendra Modi used to say that there are just 4 cases. Don’t… pic.twitter.com/BNBBYAQQ4W
— ANI (@ANI) April 30, 2025
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि जाति जनगणना एक पहला कदम है, और सरकार को यह बताना होगा कि इसे पूरा करने की समयसीमा क्या होगी। इसके साथ ही, उन्होंने तेलंगाना में हुए जाति सर्वेक्षण को एक उदाहरण के रूप में पेश किया और कहा कि यह सर्वेक्षण एक मॉडल बन सकता है। उन्होंने कहा, “तेलंगाना का जाति सर्वेक्षण और बिहार में किए गए प्रयासों के बीच बहुत अंतर है। हम सरकार को जाति जनगणना की रूपरेखा तैयार करने में मदद करने के लिए तैयार हैं।”
पूरा विपक्ष सरकार साथ खड़ा है- पहलगाम हमले पर राहुल गांधी
पहलगाम आतंकी हमले को लेकर राहुल गांधी ने कहा, “मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता कि यह कैसे हुआ। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि जिन्होंने भी यह किया, चाहे वे कोई भी हों और जहां भी हों, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।‘’ कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘’ पहलगाम हमले के गुनहगारों पर नरेंद्र मोदी को कार्रवाई करनी होगी। पूरा विपक्ष उनके साथ खड़ा है। शोक संतप्त परिवारों ने मेरे माध्यम से प्रधानमंत्री को संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि उनके बच्चे शहीद हो गए हैं और प्रधानमंत्री को उन्हें ‘शहीदों’ का दर्जा और सम्मान देना चाहिए।”

