नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर जम्मू-कश्मीर के पुंछ और आसपास के इलाकों के लिए एक “ठोस, उदार और त्वरित” राहत और पुनर्वास पैकेज की मांग की है।
राहुल गांधी ने यह पत्र उस समय लिखा जब उन्होंने पिछले शनिवार (25 मई 2025) को पुंछ का दौरा किया था। यह इलाका 7 से 10 मई के बीच पाकिस्तानी गोलाबारी से बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इस दौरान 14 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 4 बच्चे भी शामिल थे, और 70 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सैकड़ों घर, दुकानें, स्कूल और धार्मिक स्थल तबाह हो चुके हैं।
दौरे के दौरान क्या हुआ?
पुंछ दौरे के दौरान राहुल गांधी ने: गोलाबारी में मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात की। गुरुद्वारा सिंह सभा, गीता भवन मंदिर, मदरसा ज़िया-उल-उलूम का दौरा किया। क्राइस्ट हाई स्कूल के छात्रों से बातचीत की। उन्होंने पीड़ितों से उनकी परेशानियां सुनीं और कहा कि “उनकी वर्षों की मेहनत एक झटके में बर्बाद हो गई है।”
प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा, “सीमा पार से हुई अंधाधुंध गोलाबारी ने आम लोगों की ज़िंदगी तबाह कर दी है। इस मुश्किल समय में सरकार का कर्तव्य है कि वह पीड़ितों की हर संभव मदद करे।” उन्होंने कहा कि सीमा पर रहने वाले लोग दशकों से शांति और भाईचारे के साथ रहते आए हैं, और जब वे संकट में हैं, तो उन्हें सहारा देना सरकार की जिम्मेदारी है।
एक्स (Twitter) पर साझा किया वीडियो
राहुल गांधी ने अपने दौरे का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर शेयर करते हुए लिखा, “पुंछ का दर्द वहां जाकर ही महसूस किया जा सकता है – टूटे हुए घर, बिखरे सपने… इस दर्द की गूंज से बस एक ही आवाज़ आती है – हम हिंदुस्तानी एक हैं।” उन्होंने कहा, “मैं अनुरोध नहीं कर रहा, सरकार को उसका कर्तव्य याद दिला रहा हूं। यह मदद नहीं, यह कर्तव्य है।” इससे पहले राहुल गांधी 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद 25 अप्रैल को श्रीनगर गए थे, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की थी। उस समय उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और अन्य नेताओं से भी बातचीत की थी।

