हिमाचल डेस्क: हिमाचल प्रदेश में इस बार अगस्त महीने में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, 1949 के बाद यह अगस्त का सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना रहा है। सामान्य से करीब 68% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हो रही बारिश ने हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कुल्लू, शिमला, ऊना, सोलन, मंडी और बिलासपुर जैसे जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई है। सिर्फ लाहौल-स्पीति ऐसा इलाका रहा है जहां बारिश सामान्य से कम रही।

कुल्लू में अगस्त में सामान्य से 165% ज्यादा बारिश हुई। शिमला में सामान्य से 123% ज्यादा। ऊना में 119% ज्यादा। सोलन में भी बारिश सामान्य से कहीं अधिक रही। राज्य में 1 जून से अब तक कुल बारिश सामान्य से 39% ज्यादा दर्ज की गई है।
शिमला – 104% ज्यादा
कुल्लू – 87% ज्यादा
सोलन – 70% ज्यादा
ऊना – 72% ज्यादा
बिलासपुर में करीब 22 सेमी बारिश दर्ज की गई। सोलन में असाधारण 387 मिमी बारिश हुई। शिमला शहर में 124 मिमी बारिश हुई। नाहन और कसौली में भी भारी बारिश दर्ज की गई।

IMD के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, 2 सितंबर तक मानसून सक्रिय रहेगा और कुछ जिलों में बहुत भारी बारिश हो सकती है।
1 सितंबर:
रेड अलर्ट– ऊना, बिलासपुर, सोलन, शिमला, सिरमौर, कांगड़ा भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।
2 सितंबर:
रेड अलर्ट– कांगड़ा, मंडी, सिरमौर
ऑरेंज अलर्ट – ऊना, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर, हमीरपुर
3 सितंबर से बारिश में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर जैसे क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। 4 से 7 सितंबर तक मौसम सामान्य रहने की संभावना है।

IMD ने चेतावनी दी है कि कांगड़ा, सोलन, शिमला और सिरमौर जैसे जिलों में भारी बारिश और ज़मीन के अधिक भीगने की वजह से अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा है। राज्य सरकार और लोगों को सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
IMD के मुताबिक, सितंबर महीने में भी सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। बताते चलें कि, हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून बेहद सक्रिय रहा है और इससे कई इलाके प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेना जरूरी है ताकि किसी भी आपदा से बचा जा सके।
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